45-कलायत। पीजीआई में उपचाराधीन घायल दीनानाथ
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कलायत में बंदरों का आतंक आए दिन बढ़ता जा रहा है। वीरवार को वार्ड चार में घर के आंगन में चारपाई पर लेटे बुजुर्ग पर उत्पाती बंदरों ने छत की मुंडेर की ईंटें गिराकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में ले जाया गया। बुजुर्ग की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें चिकित्सकों ने पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। अब भी उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
वार्ड चार निवासी ज्ञानचंद ने बताया कि सुबह उनके 75 वर्षीय बुजुर्ग पिता दीनानाथ घर के आंगन में सोए हुए थे। एकाएक उत्पाती बंदरों ने घर की छत पर उत्पात मचाना शुरू कर दिया और छत की मुंडेर की ईंटों को नीचे गिराना शुरू कर दिया। जिससे नीचे लेटे मेरे पिता के सिर व शरीर पर सीधे आकर गिरी। इससे वह पूरी तरह लहूलुहान होकर बेहोश हो गए। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें चिकित्सकों ने पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। अब भी उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। बंदर के कारण यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब शहर में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं और बार-बार इससे निजात दिलाने की मांग के बावजूद नगर पालिका हाथ पर हाथ धरे बैठी है। कुलदीप भट्ट, अमित धीमान, कुलदीप कूका, बिंदू गर्ग और दूसरे नगरवासियों ने कहा कि बच्चे हो या बूढ़े सभी बंदरों के आतंक से भयभीत हैं। घरों की छतों, दीवारों, गलियों और मोहल्लों में बंदरों के कारण आम जन का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। नगरपालिका लोगों को सिर्फ आश्वासन दे रही है। लेकिन बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे है।