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हाथ धोने का तरीका न बता पाई ऑफिसर

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02-कैथल। ऐमरजेंसी वार्ड में लगे फायर सिलिंडर देखते हुए कायाकल्प की टीम। - फोटो : Kaithal
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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को कायाकल्प की टीम अचानक निरीक्षण करने पहुंची। इस दौरान अस्पताल में कई खामियां उजागर हुईं। टीम के पूछने पर नर्सिंग ऑफिसर हाथ धोने का सही तरीका नहीं बता पाई। वहीं लैब तकनीशियन भी टीम के सवालों का जवाब नहीं दे पाए। इसके अलावा महिलाओं और पुरुषों के लिए एक साथ बने शौचालयों पर टीम अधिकारियों ने नाराजगी जताई। राज्य की कायाकल्प टीम में पंचकूला से डॉ. रीटा कालड़ा और डॉ. मोनिशा तथा स्वास्थ्य विभाग से डॉ. गौरव पुनिया मौजूद थे।
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सबसे पहले टीम की सदस्यों ने प्रधान चिकित्सा कार्यालय के पास बने बाल रोग केंद्र के वार्ड का दौरा किया। इसके बाद टीम नर्सिंग ऑफिसर स्टेशन पर पहुंची। यहां पर मौजूद नर्सिंग ऑफिसर से हाथ धोने के तरीकों सहित मरीजों के इलाज को लेकर सवाल-जवाब किए, लेकिन ऑफिसर हाथ धोने तक के तरीके नहीं बता पाई।
इसके बाद टीम के सदस्य प्रथम तल पर बने सामान्य वार्ड में पहुंचीं। यहां पर सबसे पहले आइसोलेशन वार्ड देखा और उपकरण चलाने की जानकारी प्राप्त की। यहां पर भी उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर से मरीजों के सैंपल लेने, दवा देने सहित अन्य पहलुओं की जानकारी ली। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सदस्य ने नर्सिंग ऑफिसर को फटकार लगाई। कहा कि आप अपने काम के प्रति गंभीर नहीं हैं। सामान्य वार्ड के मरीजों के लिए पुरुष और महिलाओं का शौचालय एक साथ बनाया गया था। इस पर भी टीम की सदस्य ने सख्त नाराजगी जताई। टीम की सदस्य सामान्य वार्ड के सामने बने ब्लड सेंटर में पहुंची। यहां पर व्यवस्थाएं तो ठीक मिली, लेकिन बैंक का लाइसेंस कार्यालय में नहीं चस्पाया गया था। इस पर टीम की सदस्य ने नाराजगी जाहिर की।
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इसके बाद टीम की सदस्य इमरजेंसी वार्ड के पास बनी लैब में गई। यहां पर लैब के स्टाफ से सैंपल लेने की प्रक्रिया पूछी। इस दौरान जब केमिकल के प्रयोग को लेकर पूछा तो कोई भी इसका जवाब नहीं दे पाया। स्लाइड बनाने पर बात की तो भी सही जानकारी स्टाफ नहीं दे पाए। इस पर भी टीम की सदस्य ने लैब तकनीशियन को फटकार लगाई। अंत में टीम इमरजेंसी वार्ड में पहुंची। यहां लगे फायर फाइटिंग सिस्टम को लेकर टीम की सदस्य ने पूछा कि यह क्या है तो नर्सिंग ऑफिसर केवल फायर का ही जवाब दे पाई।
सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने कहा कि जो भी कमियां मिली हैं, उसे जल्द दूर करवाया जाएगा। स्टाफ सदस्यों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विदित हो कि राज्य स्तरीय कायाकल्प टीम का यह पहला दौरा था। अभी दो बार और निरीक्षण किया जाना है।
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