फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: उगते सूर्य को दिया अर्घ्य, छठ का समापन

Wed, 29 Oct 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
कैथल।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल। विश्वस्तरीय पहचान बना चुका लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा का मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर समापन हो गया। चार दिनों का यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को नहाय खाय, पंचमी तिथि को खरना तथा षष्ठी तिथि को अस्ताचलगामी सूर्य और सप्तमी तिथि को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया गया।

पंडितों के अनुसार उगते सूर्य को अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त सुबह 6:27 के आसपास का बताया गया था। तय समय से पहले ही महिलाएं परिजनों के साथ माता शीतलापुरी घाट पर पहुंचना शुरू हो गई थीं। विधि विधान के साथ महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान छठी मैया का गुणगान करते ढोल की थाप पर श्रद्धालु झूमते दिखे।
विज्ञापन


ठंड के बावजूद महिलाएं पानी में खड़ी नजर आ रही हैं। इस दौरान महिलाओं पर्व के प्रति आस्था उनका चेहरे से झलक रही थी। ठंडा पानी उनकी आस्था को कम नहीं कर पाया। चार दिन का ये महापर्व 25 अक्तूबर को नहाय खाय से शुरू हुआ था। चार दिन बाजार में भी खूब हलचल रही। महिलाओं और बच्चों ने जमकर खरीदारी की।

खुशहाली की कामना की ः सोमवार शाम के समय अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। छठ पूजा को लेकर शीतल पुरी तालाब में के सभी छठ घाट सजाए गए थे। शहर में पूर्वांचल जन विकास की ओर से लोक आस्था के महापर्व छठ धूमधाम से मनाया गया। व्रती महिलाओं ने पानी में खड़ी होकर भगवान सूर्य देव की उपासना की। पूर्वांचल जन विकास की ओर से किए जा रहे छठ पर्व में मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी व नगर परिषद की अध्यक्ष सुरभि गर्ग भी पहुंची थी। भोर से ही शहर में जगह-जगह बनाए गए घाटों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ी। अर्घ्य अर्पित करने के दौरान मेले जैसा नजारा रहा। भारी संख्या में श्रद्धालु, विशेष रूप से महिलाएं, पारंपरिक परिधानों में सजधज कर सूर्य को अर्घ्य देने के लिए एकत्रित हुईं। छठी मइया और सूर्य देव की पूजा करते हुए लोगों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, लंबी आयु और खुशहाली की कामना की।
विज्ञापन


पति की लंबी उम्र का प्रतीक

छठ पूजा के दौरान सुहागिन महिलाएं नाक से लेकर मांग तक लंबा सिंदूर भरती हैं। इसे पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन की खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान महिलाएं लाल की बजाय नारंगी रंग का सिंदूर लगाती हैं। इसका कारण यह है कि नारंगी रंग सूर्य का प्रतीक है और छठ पर्व सूर्य की उपासना का पर्व है। इसलिए नारंगी सिंदूर लगाने से सूर्य की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही यह माना जाता है कि सुहागिन महिला का जितना लंबा सिंदूर होगा, उसका दांपत्य जीवन उतना ही लंबा और सुखी होगा।

कैथल।

कैथल।

कैथल।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें