संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा एवं फल्गु मंदिर सुधार समिति के संयुक्त तत्वावधान में फल्गु तीर्थ पर तीन दिवसीय लोक कला महोत्सव के अंतिम दिन मंगलवार को लोक काव्य संध्या हुई। इस मौके पर वर्तमान की विकट परिस्थितियों में कवि दिनेश शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण से अवतार लेने का अनुरोध करते हुए सुनाया- ‘धर्म स्थापना करने को अब, कदम बढ़ाना होगा, हे गिरधारी कलयुग में फिर तुमको आना होगा।’ इस पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि इंद्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र दिल्ली के अध्यक्ष विनोद शर्मा, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने फल्गु मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद अतिथियों और कवियों का स्वागत आयोजक समिति की ओर से फूल माला, वस्त्र और स्मृति चिह्न से किया गया। कवि सम्मेलन की शुरुआत प्रसिद्ध कवयित्री अनामिका वालिया शर्मा ने सरस्वती वंदना से की।
सबसे पहले कैथल के हास्य कवि डॉ. तेजिंदर को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने पतियों पर अपनी कविता पढ़ते हुए कहा आँखों के अस्पताल के, आंखों के डॉक्टर ने, समस्त पतियों से कहा कि कोई भी पति, हमारे अस्पताल आ सकता है। अस्पताल की सुविधाओं का लाभ उठा सकता है। जो पत्नी को आँख नहीं दिखा सकता, वह डाक्टर को आंख दिखा सकता है।
कृष्ण गोपाल सोलंकी ने अपनी गजल पढ़ते हुए कहा कि सारे रिश्तों की लाज रखते हैं, दिल में पूरा समाज रखते हैं, जिनको मेहनत से मिलती है शोहरत, नर्म अपना मिजाज रखते हैं। दर्शकों के आग्रह पर दिनेश शर्मा दिनेश को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया। दिनेश शर्मा दिनेश की कविता हे गिरधारी, कलयुग में फिर तुमको आना होगा...पर जमकर तालियां बजीं। प्रसिद्ध टीवी शो ‘लपेटे में नेताजी’ से लोगों में प्रसिद्ध हास्य कवि विनीत पांडे ने अपनी कविता से जिंदगी को परिभाषित किया।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि विनोद शर्मा ने फल्गु लोक कला उत्सव का हरियाणवी संस्कृति से ओतप्रोत आयोजन के लिए कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा सरकार को साधुवाद दिया। कार्यक्रम में कमलेश शर्मा, राजेश शांडिल्य, ईश्वर चंद्र गर्ग, वकील सिंह, होशियार सिंह, हर्ष व कपिल मौजूद रहे।