संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। स्वास्थ्य विभाग की निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी के मरीजों को दी जाने वाले राशि को बढ़ाया है। अब विभाग के आदेशों के तहत आगामी एक नवंबर से टीबी मरीजों की 500 रुपये की जगह एक हजार रुपये डाइट के रूप में दिए जाएंगे। इससे टीबी के मरीजों को अच्छी डाइट देकर जल्द ठीक होने की संभावना बढ़ जाएगी।
इस समय जिले में 750 टीबी के मरीजों का इलाज चल रहा है। एक मरीज को ठीक होने में छह महीने का समय लगता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इस तरह के मरीजों के खाते में 500 रुपये जमा करवाता है, जो अब एक नवंबर से हजार रुपये हो जाएंगे। वहीं, जिलेभर की 20 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को जून में सम्मानित भी किया गया था।
टीबी है घातक बीमारी ः टीबी एक ऐसी बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। टीबी के जीवाणु हवा के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं। टीबी के मुख्य लक्षणों में दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना, रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना, बुखार आना संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना, थकावट होना, वजन कम होना व सांस लेने में दिक्कत होना मुख्य रूप से शामिल हैं। टीबी के इलाज के लिए छह महीने लग जाते हैं। अगर मरीज दवाई बीच में छोड़ देता है तो दोबारा से इलाज शुरू किया जाता है।
निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को विभाग की तरफ से हर माह 500 रुपए दिए जाते हैं लेकिन इसे अब बढ़ा दिया गया है। एक नवंबर से मरीज को पौष्टिक आहार के लिए एक हजार रुपये की राशि मिलेगी। वहीं विभाग की तरफ से बीमारी के प्रति लगातार लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। -डॉ. रेनू चावला, जिला सिविल सर्जन, कैथल।
इस तरह दी जाती है टीबी के मरीजों को दवाइयां
वेट बैंड
डोज
25-34 किलो
दो टेबलेट
35 से 49 किलो
तीन टेबलेट
50 से 64 किलो
चार टेबलेट
65 से 75 किलो
पांच टेबलेट
75 से ज्यादा किलो
छह टेबलेट