Now roadways buses will be run on rural routes for girls and women
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जिलेभर में महिलाओं और छात्राओं को अब गांवों से शहर तक पहुंचने में बसों की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए विभाग ने महिलाओं के लिए विशेष बसें चलाने का निर्णय लिया है। हालांकि विभाग की ओर से तीन ग्रामीण रूटों पर महिलाओं व छात्राओं के लिए बसों का संचालन शुरू किया गया है, लेकिन आगामी दिनों में जिले के सभी ग्रामीण रूटों पर जरूरत अनुसार बसों को भेजा जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा बसों की समीक्षा की जा रही है।
इसके लिए विभाग ने सभी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली हैं। इससे पहले विभाग द्वारा हर साल रक्षाबंधन पर रोडवेज की विशेष बसों में महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा का प्रावधान किया जाता है।
महिलाओं व लड़कियों के लिए सरकार ने प्रदेशभर में रोडवेज के बेड़े में 150 पिंक बसें शामिल की हैं। इन बसों में केवल महिलाओं और छात्राओं को ही बैठाया जाएगा। कैथल रोडवेज को भी पांच पिंक बसें मिली हैं। जिन्हें करोड़ा, चीका व कलायत रूटों पर चलाया जा रहा है। जो सुबह आठ बजे शहर के लिए रवाना होती है। इससे स्कूल, कॉलेजों में शिक्षा के लिए आने वाली छात्राओं को फायदा होगा। अब इनके अलावा सामान्य बसें भी चलाई जाएंगी। इस प्रकार की बसों से छात्राएं सफर के दौरान अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।
जानकारी के अनुसार डिपो में इस समय 121 रोडवेज की बसें है। इनमें पांच मिनी बसें शामिल है। महिलाओं के लिए आरक्षित करने के लिए विभाग की ओर से बसों की समीक्षा की जा रही है। इसके बाद जल्द बसों को अन्य रूटों पर दौड़ाया जाएगा।
डिपो महाप्रबंधक अजय गर्ग ने कहा महिलाओं व छात्राओं के लिए तीन बसों को ग्रामीण रूटों पर चलाया जा रहा है। जो सुबह आठ बजे शहर के लिए रवाना होती है। इसके बाद जहां पर यात्रियों की संख्या अधिक होती है वहां पर सामान्य बसों को भी महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा। जिले के हरेक गांव में महिलाओं व छात्राओं के लिए बसें चलाई जाएंगी।