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अब वैध होंगी अवैध कॉलोनियां

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कैथल। पांच साल बाद अवैध कॉलोनियों को वैध किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो अवैध कॉलोनियों में रह रहे हैं और उनके मकानों की अभी तक रजिस्टरी तक नहीं हुई। डीटीपी कार्यालय के संयोजन में बृहस्पतिवार को डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल ने अधिकारियों की बैठक लेकर पहली पांच कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें पीड़ल कॉलोनी, अगौंध कॉलोनी, यूनिवर्सल कॉलोनी पूंडरी, शेरगढ़ कॉलोनी कैथल व बात्ता कॉलोनी शामिल हैं।
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गौरतलब है कि जिले में डीटीपी कार्यालय ने कुल 152 कॉलोनियों का सर्वे किया था। इनमें से 99 कॉलोनियां नगर परिषद व अन्य नगर पालिकाओं के अधीन आती हैं। अन्य 53 कॉलोनियां डीटीपी कार्यालय के तहत आती हैं। नगर परिषद व नगर पालिकाओं के अधीन आने वाली कॉलोनियों को डीएमसी कार्यालय के माध्यम से स्वीकृत करते हुए वैध किया जाना है जबकि डीटीपी कार्यालय के अधीन आने वाली कॉलोनियों को उसी के द्वारा वैध किया जाना है।
सरकार ने पिछले दिनों डीसी स्तर पर ही अवैध कॉलोनियों को वैध करने की स्वीकृति दे दी थी। इसी के तहत लघु सचिवालय परिसर में डीसी की अगुवाई में जिलास्तरीय छंटनी कमेटी की बैठक हुई। इसमें सीईओ जिल ापरिषद, तहसीलदार सुदेश मेहरा, जिला दमकल अधिकारी गुरमेल सिंह, पीडब्ल्यूडी से कर्मचंद, जनस्वास्थ्य विभाग से एसडीओ कुलदीप सिंह व करण बहल, डीडीपीओ कार्यालय से रामलाल भाग लेने पहुंचें। इस बैठक में पीड़ल कॉलोनी, अगौंध कॉलोनी, यूनिवर्सल कॉलोनी पूंडरी, शेरगढ़ कॉलोनी कैथल व बात्ता कॉलोनी को नियमित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसे डीसी ने स्वीकृति दे दी।
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इसके बाद उन्होंने पीडब्ल्यूडी, नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, बीडीपीओ कार्यालय व तहसील कार्यालय से इन कॉलोनियों के संबंध में रिपोर्ट देने को कहा की। पूछा कि इन विभागों की जमीन तो इन कॉलोनियों में नहीं आती है? इन सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे एक सप्ताह में इस संबंध में रिपोर्ट दें।
दूसरी ओर इस योजना की संबंधित लोगों को जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी भी जारी की गई है कि यदि समय पर आवेदन न आए तो अवैध कॉलोनियों को ढहाया भी जाएगा। उधर, विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद व नगर पालिकाओं के अधीन आने वाली कॉलोनियों को स्थानीय विभाग में डीटीपी की ज्वाइनिंग के बाद काम का विभाजन होने के उपरांत प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
इस संबंध में डीटीपी अनिल कुमार नरवाल ने बताया कि डीसी की अगुवाई में हुई बैठक में पांच कॉलोनियों पीड़ल कॉलोनी, अगौंध कॉलोनी, यूनिवर्सल कॉलोनी पूंडरी, शेरगढ़ कॉलोनी कैथल व बात्ता कॉलोनी को स्वीकृत करने का प्रस्ताव रखा गया। संबंधित विभागों से एनओसी मिलने के बाद इन कॉलोनियों को वैध करते हुए रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी। डीटीपी ने यह भी बताया कि उनके विभाग के अधीन आने वाली 53 में से इन पांच कॉलोनियों के लिए आवेदन आ गए हैं। शेष कॉलोनियों के कॉलोनाइजरों व वहां रह रहे लोगों की एसोसिएशंस से अपील है कि वे सरकार की नई योजना का लाभ उठाने के लिए जल्द से जल्द आवेदन करें। जिन कॉलोनियों के आवेदन विभाग के पास नहीं आएंगे, उनमें अक्तूबर माह की निर्धारित तिथियों में अवैध निर्माण की तोड़फोड़ भी की जाएगी।
अक्तूबर का तोड़फोड़ अभियान स्वीकृत
डीसी ने अक्तूबर माह के तोड़-फोड़ अभियान को भी स्वीकृत कर दिया है। इसमें 11 अक्तूबर, 14 अक्तूबर, 21 व 28 अक्तूबर को अवैध कॉलोनियों में तोड़-फोड़ अभियान चलाया जाएगा।
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