घर में रखे कूलर में डेंगू के लारवा की जांच करते कर्मचारी।
कैथल। बरसात के मौसम के बीच स्वास्थ्य विभाग ने जिले में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए निगरानी अभियान तेज कर दिया है। जिले में अब तक डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का कोई भी मरीज नहीं मिला है। हालांकि शुक्रवार को सर्वे के दौरान 35 स्थानों पर मच्छरों का लारवा मिलने पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को डेंगू के दो संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूने लिए। 2026 में अब तक 530 संदिग्ध नमूनों की जांच की जा चुकी है लेकिन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव रही है। जिले में डेंगू का कोई पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। विभाग की टीमों ने एक दिन में 10 हजार 584 घरों और 19 हजार 977 पानी के कंटेनरों की जांच की। इस वर्ष अब तक 6,34,335 घरों और 12,63,295 पानी के कंटेनरों का निरीक्षण किया जा चुका है।
जांच के दौरान अब तक 1189 स्थानों पर लारवा मिलने पर कार्रवाई की गई है। शुक्रवार को भी 35 स्थानों पर लारवा मिलने के बाद नोटिस जारी किए गए। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. नीरज मंगला ने बताया कि पिछले वर्ष डेंगू के 92 और मलेरिया का एक केस मिला था और विभाग के प्रयास हैं कि इस बार मलेरिया का एक भी केस न मिले और डेंगू की रोकथाम के लिए भी विभाग जुटा हुआ है।
जिलेभर में ये टीमें कर रहीं काम
डेंगू की रोकथाम के लिए जिले में शहरी क्षेत्र में 36 और ग्रामीण क्षेत्र में 244 टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं। इन टीमों में 100 पुरुष और 144 महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी, 30 आशा वर्कर और 19 सुपरवाइजर शामिल हैं। इसके अलावा जिले के सभी 602 तालाबों में गैंबूसिया मछली छोड़ी गई है, जो मच्छरों के लार्वा को खाकर उनके प्रजनन को नियंत्रित करती है।
घर में रखे कूलर में डेंगू के लारवा की जांच करते कर्मचारी।