कैथल। नोटबंदी का रसोई में पहला बड़ा असर यह हुआ है कि सब्जियों की कीमतें आधी रह गई हैं। जिस कारण गृहिणियां गदगद हैं। हालांकि सब्जी उत्पादक किसानों को इससे नुकसान भी हो रहा है, लेकिन लंबे अरसे बाद आई सब्जियों की कीमतों में कमी पर गृहिणियों ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है। फलों पर भी इसका असर है। फलों की कीमतों में काफी कमी आई है।
बाजार में आठ नंवबर के बाद सब्जियों के दामों में भारी गिरावट हुई है। 100 रुपये से लेकर 120 रुपये किलो तक बिकने वाले मटर भी अब महज 50 रुपये किलो बिक रहे हैं। गोभी का रेट जो 40 रुपये होता था। वह अब केवल 10 रुपये तक सिमट कर रह गया है। लॉकी और बैंगन भी केवल 15 रुपये से 30 रुपये बिक रहा है। नींबू, मिर्च व काफी मंहगी बिकने वाली शिमला मिर्च का रेट आधा हुआ है। इसके अलावा फलों रेटों में गिरावट आई है। हालांकि प्याज और टमाटर में इतनी गिरावट नहीं आई मगर इसका मूल्य भी 2 से 5 रुपये तक गिरा है। सबसे मंहगा बिकने वाले अनार जो 150 रुपये किलो तक बिकता था। वह 110 रुपये में मिल रहा है।
सेब के मूल्य में 20 रुपये की गिरावट आई है। इसी प्रकार अमरुद जिसका रेट 40 रुपये प्रति किलो था, वह मात्र 20 रुपये में मिल रहा है। जिस पर खरीददारों ने मोदी के नोटबंदी के फैसले का समर्थन करते हुए उनका आभार व्यक्त किया है। गृहणियों का मानना है कि बेशक उन्हें दूध और सब्जियों की खरीददारी को लेकर छुट्टे रुपयों के लिए परेशानी होती है, लेकिन अब उनका काफी कम रुपयों में घरेलू सामान आ जाता है।
सब्जियां सस्ती होने से मिली राहत:
सब्जी मंडी में सब्जी लेने आई गांव चंदाना निवासी चंद्रकांता ने बताया कि नोटबंदी से पुराने नोट चलने से परेशानी तो है। लेकिन मोदी जी के फैसले से सब्जी मंडियों में भारी गिरावट सब्जी के दाम आधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक बार तो ऐसा लगा कि सरकार ने मंहगाई बढ़ा दी है। लेकिन अब मंहगाई कम हुई। जिससे गरीब लोगों के घरों में तीनों समय सब्जी बनेंगी।
अब 200 रुपये में आती है एक सप्ताह की सब्जी:
अमर गढ़ गामड़ी निवासी बबली ने बताया कि पहले वह 500 रुपये में काफी कम सब्जियां खरीदती थी, अब 200 रुपये में ही पूरे एक सप्ताह के लिए सब्जी खरीद लेती हूं।
थोक विक्रेता सुधीर ने बताया कि जब से नोटबंदी हुई है, तब से ही सब्जी मंडी में भारी मंदी आई है। उसने बताया कि थोक के रेट में भारी मंदी आई है। नोटबंदी के बाद से ही थोक के मूल्यों में रेट आधा हुआ है। इसी प्रकार से फलों की कीमतों में भी कमी आई है।
किसानों को नुकसान:
सब्जियों की कीमतों में कमी के कारण किसानों को नुकसान भी हुआ है। लेकिन किसानों से ज्यादा बिचौलियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जो किसान से सस्ते दामों पर खरीद कर लोगों को महंगे दामों पर सब्जियां बेचते थे।