संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में भारत सरकार के मिलते जुलते फर्जी पोर्टल से तैयार जन्म प्रमाणपत्र बनाने का मामला सामने आया है। यह फर्जी जन्म प्रमाणपत्र पिछली तिथि का है। इस पर भारत सरकार के लोगो और अशोक चिन्ह से लेकर क्यूआर कोड है। यह फर्जी जन्म प्रमाण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र की जानकारी तब मिली, जब एक युवक जिला रजिस्टार कार्यालय में दूसरा प्रमाण पत्र निकलवाने के लिए पहुंचा।
सत्यता पता करने के लिए प्रमाणपत्र पर लगे क्यूआर कोड को जैसे ही स्कैन करते हैं तो भारत सरकार के मिलते जुलते पोर्टल के साथ एक फर्जी पोर्टल खुल जाता है, जिस पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह की फोटो के साथ-साथ भारत सरकार के असली पोर्टल पर लगी गैलरी की फोटो भी नजर आएंगी। इससे की असली और नकली पोर्टल में फर्क पता लगाना मुश्किल है। स्क्रीन पर दिखाई देने वाले इन पोर्टल को देखने से असली और नकली पोर्टल में फर्क बताना आसान नहीं।
क्योंकि इन सभी पोर्टल में सरकार के सरकारी के पोर्टल से मिलाने करने के लिए गिरोह ने मामूली फर्क के साथ ज्यों का त्यों तैयार करके डोमेन नाम लिया गया है। ये जन्म प्रमाण पत्र जिले की जन्म एवम मृत्यु शाखा से जारी हुआ दिखाई देता है। बताया जा रहा है कि इस सर्टिफिकेट को बनाने के लिए हजारों रुपये लिए गए हैं। सर्टिफिकेट बनवाने के बाद प्रार्थी इसका सत्यापन करवाने के लिए जब कैथल में जन्म एवम मृत्यु प्रमाण शाखा पहुंचा तो यह फर्जी पाया गया। इस प्रमाण पत्र पर लगा क्यूआर कोड भारत सरकार के मिलते जुलते फर्जी पोर्टल को खोलता है। इसमें सिर्फ एक हाईफन का फर्क नजर आता है। सरकार के असली पोर्टल का डोमन नेम https://crsorgi.gov.in है जबकि इन पोर्टल का डोमन नेम https://crsorgi-gov-in.in, https://crsgov.com और https://crsorggob.in है।
चीफ रजिस्ट्रार को लिखा जाएगा : डॉ. पूनिया
जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा के जिला संयोजक डॉ. गौरव पूनिया ने बताया कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करना होता है। कार्यालय में एक युवक एक प्रमाण पत्र लेकर आया और उस जन्म प्रमाण पत्र दूसरी कॉपी की मांग करने लगा। जब उसके जन्म प्रमाण पत्र की जांच की तो वो प्रमाण फर्जी पाया। क्योंकि वो किसी और पोर्टल से निकला हुआ था, लेकिन वो सर्टिफिकेट हूबहू असली जैसा था। जब उसे गूगल पर डाला तो तो सरकारी वेब साइट से मिलती जुलती तीन, चार साइट नजर आई। सभी साइट का पहला पेज भारत सरकार की वेब जैसा है। इस मामले को लेकर चीफ रजिस्ट्रार को लिखा जाएगा, ताकि केंद्र सरकार को अवगत करवाया जा सके।