कैथल। सीएम विंडो पर आई शिकायतों के निवारण के लिए जिला प्रशासन ने एक ओर फैसला लिया है। शिकायतों पर नोडल अधिकारी को बताना होगा कि क्या कार्रवाई की गई है। प्रत्येक मंगलवार को शिकायतों की समीक्षा की जाएगी।
सीएम विंडों पर आई शिकायतों पर कई बार अन्य अनावश्यक देरी होती है, जिसके कारण उस शिकायत का निवारण समय रहते नहीं हो पाता।
लोग इसी इंतजार में रहते हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेशों पर तो अधिकारी कार्रवाई जरूर करेंगे। कुछ शिकायतें अधिकारियों काफी समय बाद यह लिखकर वापस भेजी जाती हैं कि यह उनके विभाग से संबंधित नहीं है। यह न्याय संगत नहीं है। ‘अमर उजाला’ ने भी यह मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
डीसी केएम पांडुरंग ने कहा कि नोडल अधिकारी शिकायत के जवाब के साथ-साथ की गई कार्रवाई साथ लगाएंगे। यदि शिकायत उनके विभाग से संबंधित नहीं है तो अधिकारी को लौटानी होगी। अधिकारी शिकायत की जांच करते समय शिकायतकर्ता के बयान भी दर्ज करेेंगे।
यदि कोई शिकायत समाधान के योग्य नहीं है, तो शिकायतकर्ता को बुलाकर उसकी कांउसिलिंग करनी होगी। काउंसिलिंग का विवरण एटीआर में दर्ज करना होगा। शिकायत प्राप्त होने के बाद उसकी मॉनिटरिंग पूरी बारीकी और गंभीरता से करना आवश्यक होगा।
डीसी ने कहा कि एक्शन टेकन रिपोर्ट टाइप करना जरूरी है।