संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिलेभर में मंगलवार को अनंत चतुर्दशी पर गणेश ंमहोत्सव के समापन पर प्रतिमा का विसर्जन किया जाना था, लेकिन सिरसा ब्रांच नहर में पानी नहीं आया। ऐसे में श्रद्धालुओं को रसीना गांव व थानेसर और पंजाब बॉर्डर के पास जाकर नहरों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करना पड़ा।
विसर्जन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने के चलते श्रद्धालुओं को दिक्कतें झेलनी पड़ी तो उनके काफी रोष रहा। श्रद्धालुओं का कहना था कि यदि नहरों में पानी नहीं आया तो संबंधित विभाग को पहले ही विसर्जन को लेकर कड़े प्रबंध किए जाने चाहिए थे।
सिरसा ब्रांच नहर टूटना भी बना पानी न होने का कारण ः करीब 15 दिन पहले ही मुंदड़ी गांव में सिरसा ब्रांच नहर टूट गई थी। इस नहर का टूटना भी पानी न होने का एक मुख्य कारण बना है। एक तरफ जहां नहर के टूटने से शहर में पेयजल की समस्या बनी थी। अब वहीं, मंगलवार को अनंत चतुर्दशी पर भी श्रद्धालुओं की ओर से अपने जिले के क्षेत्र में ही विसर्जन नहीं किया जा सका। ऐसे में श्रद्धालुओं को जिले से बाहर जाकर गणपति बप्पा का विसर्जन करना पड़ा। आने-जाने में दिक्कतें हुईं।
झेलनी पड़ीं परेशानियां ः गणपति महोत्सव आयोजित करने वाली समिति के प्रधान राकेश वर्मा ने बताया कि इस बार कैथल जिले की किसी भी नहर में पानी न होने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बताया कि वे हर बार काकौत से जा रही नहर में विसर्जन करते हैं, लेकिन यहां पर पानी ही नहीं था। इसके साथ ही मुंदड़ी और चंदाना गांव में भी पानी नहीं मिला। ऐसे में उन्हें कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में जाकर बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन करना पड़ा।