कैथल। हिसार के पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने शहर के पंतनगर में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा है कि कांग्रेस से टिकट न मिलने का उन्हें बहुत मलाल है। वह सांसद थे, इसलिए उन्हें टिकट मिलना चाहिए था, लेकिन अंदरूनी राजनीति के चलते उन्हें टिकट नहीं मिला। इससे वह निराश नहीं है। लोगों के सामने बहुत सी चीजें समय के साथ उजागर होंगी। यह उनके लिए एक सीख है।
उन्होंने कहा कि भाजपा छोड़ने का उन्हें कोई मलाल नहीं है। भाजपा उन्होंने इसीलिए नहीं छोड़ी थी कि उन्हें कुछ मिल नहीं पा रहा था, बल्कि इसलिए छोड़ी थी कि वह भारतीय जनता पार्टी में असहज महसूस कर रहे थे। भाजपा में उनको व उनके पिता को पूरा मान सम्मान मिला। भाजपा ने वीरेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री नहीं बनाया, लेकिन पांच साल केंद्र में मंत्री रहे। वे विचारधारा के तौर पर भाजपा में सम्मिलित नहीं हो पाए। वे सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आए हैं। नौकरी में भी जनता के साथ संपर्क होता था, लेकिन राजनीति का दायरा उससे बड़ा है। स्वाति मालीवाल के मुद्दे पर वह बोले कि कोई महिला जो महिला आयोग की अध्यक्ष रही हो और राज्यसभा की संसद हो। यदि वह कोई आरोप लगाती है तो उसे संजीदगी से लिया जाना चाहिए। स्वाति मालीवाल ने जो आरोप लगाए हैं और जो दो वीडियो सामने आए हैं। उनमें आपस में कोई मेल नहीं बनता। पुलिस जांच करेगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि राजनीति उन्हें चौ. बीरेंद्र सिंह से विरासत में मिली है, लेकिन उनकी सोच अपनी व्यक्तिगत है और वे राजनीति भी अपनी सोच के अनुसार ही करते हैं। 400 पार का नारा इस तरह का है जैसा 2019 विधानसभा चुनाव में 75 पार का था। इस मौके पर सुरेंद्र ढुल, धर्मपाल मलिक, वीर करण राणा, पुष्पेंद्र तंवर, कर्म सिंह कादयान, रामकुमार शर्मा व लीलू चौशाला मौजूद थे।