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Kaithal News: मलेरिया का नहीं मिला मामला, लार्वा मिलने पर 13 घरों को दिया नोटिस

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मलेरिया से बचाव के लिए तितरम मोड़ के तालाब में दवाई का छिड़काव करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी - फोटो : ​विकास भवन।
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कैथल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी 15 मई 2026 के वेक्टर बॉर्न डिजीज (वीबीडी) के अनुसार इस वर्ष अब तक जिले में मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि विभाग डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों के लिए पूरी तरह सतर्क है और लगातार निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा घरों की जांच करने पर लार्वा मिलने के कारण 13 घरों को नोटिस दिया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में जिले में मलेरिया के 16 मामले सामने आए थे, जो 2017 में 9 और 2018 में घटकर 3 रह गए। वर्ष 2019 से 2023 तक मलेरिया का कोई मामला नहीं मिला। वर्ष 2024 और 2025 में एक-एक मामला सामने आया था जबकि वर्ष 2026 में अब तक जिले में मलेरिया का कोई केस दर्ज नहीं हुआ है।

डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चला रहा है। रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को 11 डेंगू सैंपल लिए गए जबकि अब तक कुल 424 सैंपल लिए जा चुके हैं। फिलहाल जिले में डेंगू का कोई पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जिले में घर-घर सर्वे अभियान भी चलाया। 8,263 घरों और 19,008 कंटेनरों की जांच की गई जिनमें 13 स्थानों पर लार्वा मिला। वहीं अब तक 2.26 लाख से अधिक घरों और 3.87 लाख से अधिक कंटेनरों की जांच की जा चुकी है जिनमें 136 स्थानों पर लार्वा पाया गया।

विभाग की ओर से मच्छरों की रोकथाम के लिए जिले के सभी 602 तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ी गई हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 299 स्वास्थ्य कर्मियों की टीम सक्रिय रूप से निगरानी कार्य कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

मलेरिया से बचाव के लिए तितरम मोड़ के तालाब में दवाई का छिड़काव करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी- फोटो : विकास भवन।

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