कैथल। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं में शनिवार को मतदान के प्रति भी काफी उत्साह दिखाई दिया। न लाचारी, न कमजोरी... बस उन्हें मतदान में अपनी बारी का इंतजार दिखा।
एक और जहां दिव्यांग मतदाताओं ने सुबह से स्वयं लाइन में लगकर मतदान किया, वहीं 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग भी मतदान के लिए पोलिंग बूथों पर पहुंचे। जो बुजुर्ग ज्यादा लाचार थे और चलने में सक्षम नहीं थे, उन्हें परिजनों ने केंद्रों पर पहुंचाया और मतदान करवाया। कोई बुजुर्गों को दोपहिया वाहन तो कोई कारों में बैठाकर मतदान करवाने के लिए पहुंचा।
सौ वर्ष से अधिक आयु के 317 मतदाता हैं। जबकि सात हजार 282 दिव्यांग मतदाता हैं। मतदान के दौरान विशेष सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। हालांकि ज्यादा मतदान केंद्रों में मतदाताओं की भीड़ कम ही रही, लेकिन जहां पर भीड़ ज्यादा थी और लाइनें काफी लंबी थी, वहां बुजुर्गों, दिव्यांगों और बीमार मतदाताओं को लोगों ने पहले मतदान करने का अवसर दिया। संवाद
मतदान का जोश कम नहीं
बेशक उम्र का पड़ाव अधिक हो गया है, लेकिन मतदान का जोश कम नहीं हुआ है। अपने नेता का चुनाव करने के यह एक अच्छा उत्सव है। हमें इस उत्सव में अपनी अधिक से अधिक भागेदारी करनी की आवश्यकता है। उम्मीद है एक अच्छा उम्मीदवार विधायक बनकर आ सकता है। - बहादुर चंद, 98 वर्षीय, कैथल।
मतदान कर बहुत अच्छा लगा
अक्सर देखने को मिलता है अधिकतर अधिक आयु के लोग मतदान करने के लिए नहीं आते हैं। परंतु उनकी ऐसी धारण नहीं रही है। वे शनिवार को हुए मतदान की प्रक्रिया में शामिल हुए हैं। मतदान करने के बाद काफी अच्छा लगा , क्योंकि यह अवसर हमें प्रत्येक पांच साल के बाद मिलता है। - हरि सिंह, 72 वर्षीय, देवीगढ़।
घर पर वोट की थी सुविधा मगर केंद्र पर आकर देनी थी
इस बार चुनाव आयोग ने दिव्यांगों को घर पर ही वोट डालने की सुविधा दी थी, लेकिन उन्होंने मतदान केंद्र पर ही मतदान करने के लिए सही समझा है। क्योंकि हमें अपने मत का प्रयोग खुद मतदान केंद्र पर पहुंचकर करना चाहिए। उन्हें मतदान करने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आई। - सोमनाथ, दिव्यांग कैथल।
दोपहर से पहले ही मतदान केंद्र पर पहुंचे
गांवों में बुजुर्गों को चुनाव का काफी इंतजार रहता है। इस बार पांच साल के बाद फिर से विधानसभा चुनाव आया है। इसलिए वे दोपहर से पहले ही मतदान केंद्र पर पहुंचे और मतदान किया। मतदान करके अपने कर्तव्य को बखूबी निभाया है। काफी अच्छा लगा है। दूसरों मेरे जैसे कई लोगों ने भी वोट किया। यह देखकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
- मेजपति, 72 वर्षीय, देवीगढ़।