गांव क्योड़क के लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस गो तस्करी की बढ़ रहीं वारदात में कार्रवाई नहीं कर रही है। जिले में तस्करी की बढ़ रहीं वारदात और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए लोगों ने रविवार सुबह हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया जिस कारण वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लोगों में इस बात को लेकर रोष था कि क्योड़क में पुलिस चौकी होने के बावजूद गो तस्कर बेखौफ होकर कई वारदात को अंजाम दे चुके हैं। करीब आधे घंटे बाद डीएसपी सतीश गौतम ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया।
गांव वासी श्रवण आर्य, रोहताश आर्य, प्रवीण आर्य, जगपाल ने बताया कि शनिवार की रात करीब तीन बजे गो तस्कर बरोट रोड से बैल को नशीला पदार्थ सुंघाकर गाड़ी में लादकर ले गए। जिस समय तस्कर बैल को गाड़ी में चढ़ाने का प्रयास कर रहे थे, एक ग्रामीण ने उन्हें देख लिया था और उसने इसकी सूचना 100 नंबर पर पुलिस को भी दी थी लेकिन पुलिस सूचना के 40 मिनट बाद पहुंची।
तब तक आरोपी मौके से भाग चुके थे। इससे पहले भी गो तस्करों और ग्रामीणों के बीच मुठभेड़ हुई थी और तस्कर ग्रामीणों पर फायर करते हुए भाग गए थे। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत क्योड़क चौकी पुलिस को लिखित में दी थी, लेकिन पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। ग्रामीणों ने बताया कि अब एक सप्ताह बाद गो तस्कर बिना किसी के डर के उसी स्थान से बैल को चुराकर ले गए।
कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर माने ग्रामीण
जाम की सूचना मिलते ही गांव के सरपंच बलकार आर्य और अन्य लोग भी पहुंच गए थे। साथ ही सीआईए-1 इंचार्ज विरेंद्र खर्ब व सदर थाना इंचार्ज मुनीष कुमार क्योड़क पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। बाद में डीएसपी सतीश गौतम व अन्य ने ग्रामीणों को आरोपियों पर एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।