कलायत। अभाव में जिंदगी गुजार रहे राजकुमार के घर पर बिजली नहीं है लेकिन उसके नाम पर 10 मीटर चल रहे हैं। पेंशन का आवेदन करने जब वह सीएचसी पहुंचा तो उसे यह जानकारी मिली तो वह सन्न रह गया। उसे बताया गया कि पोर्टल उसकी आय ढाई लाख रुपये बता रहा है और उस पर बिजली का बकाया बिल 93 हजार 321 रुपये है।
तेल के दीये से झोंपड़ी रोशन करने वाले राजकुमार ने जब यह सुना तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह पिछले काफी लंबे समय से बागड़ी लोहार कलायत के वार्ड नंबर एक में रह रहे हैं। उनके पास कोई पक्का मकान नहीं हैं। 67 वर्षीय बागड़ी लोहार राजकुमार ने बताया कि वे अपने भाई के साथ काफी समय से कलायत में रह कर अभाव में जिंदगी गुजार रहे हैं। जो पुश्तैनी काम था वह कभी का समाप्त हो चुका है।
आजकल जीवन यापन करने के लिए मांगकर गुजारा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पक्का घर व उसमें जलती बिजली केवल औरों के घरों में देखी है। उनके पास तो केवल एक छोटी सी झोंपड़ी है वह भी दो दिन पूर्व आई आंधी-बारिश में उड़ गई। अब अनाज मंडी के शेड के नीचे आश्रय लिए हुए हैं। उन्होंने बताया कि पेंशन के लिए सीएचसी से ऑनलाइन आवेदन करवाया था। शुक्रवार को जब वे पेंशन के बारे में सूचना लेने सीएचसी पहुंचे तो संचालक ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 2.5 लाख रुपये सालाना आय व 10-10 बिजली के मीटर उनके लिए सपने के समान हैं। उन्होंने तो कभी 25 हजार रुपये भी एक साथ नहीं देखे। लोगों से भिक्षा मिल जाती है तो वह और उनका भाई खाना खा लेते हैं। कई बार तो भूखे ही सोना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोगों के कहने पर बिजली निगम में शिकायत कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
दूसरी ओर बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी अंकित ने कहा कि उन्हें इस बारे में शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हुई केवाईसी के दौरान यह आधार कार्ड की किसी डिजिट की गलत एंट्री से भी हो सकता है। उन्हें जो शिकायत मिली है उसे उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया है। इस समस्या का समाधान शीघ्र करवाया जाएगा।