कैथल। जाट हाई स्कूल सोसाइटी के चुनाव के लिए बाइलॉज पास करवाने के लिए तीसरी बार रविवार को आम इजलास हुआ। लेकिन इस बार भी प्रस्ताव पास नहीं हो सका। बाइलॉज पास करवाने के लिए कम से कम 1500 सदस्य पहुंचने चाहिए थे, लेकिन इजलास में पर्याप्त संख्या में सदस्य नहीं आए। इस कारण अब एजेंडे को अब फर्म एवं सोसाइटी के रजिस्ट्रार को भेज दिया जाएगा। उन्हें इसे स्वीकृत करने का अधिकार है। इसके बाद संस्था का नया रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। नया रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी।
रविवार को जाट हाई स्कूल सोसाइटी का तीसरा आम इजलास शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इजलास में रखे गए एजेंडे पर आम सहमति बनी। वरिष्ठ सदस्य धर्मबीर कौलेखां की अध्यक्षता में आयोजित इजलास में वक्ताओं ने भाईचारे और सौहार्द बढ़ाने की बात कही। साथ ही कहा, बुजुर्गों द्वारा सींचे इस पौधे के संरक्षण व तरक्की के लिए प्रयास करना होगा। इससे पहले, पूर्व वरिष्ठ सदस्य धर्मवीर कौलेखां के पिता स्व. चमेल सिंह, बलवान कोटड़ा के पिता नंबरदार दरबार सिंह,व उपाध्यक्ष लाल सिंह,गुहणा के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
नया रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद चुनावी प्रक्रिया
समिति के प्रधान दर्शन सिंह मालखेड़ी ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना में पहले 5 फरवरी को पहला आम इजलास, 17 अप्रैल दूसरा तथा रविवारको तीसरा इजलास संपन्न हुआ। लेकिन पर्याप्त संख्या में सदस्यों के न पहुंचने से अब कानून के अनुसार तैयार बाइलॉज और कॉलेजियम बनाकर हरियाणा रजिस्टार फर्म एवं सोसाइटीज के पास भिजवा दिया जाएगा।
इसके बाद लगभग 1 या डेढ़ महीने की अवधि में चुनाव करवाए जाने की घोषणा हो सकती है। उन्होंने बताया कि स्टेट रजिस्ट्रार को यह बाइलॉज पास करने का अधिकार है। इसके पास होते ही नया रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाएगा। नया रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद समाज की सहमति से कॉलेजियम बनाए जाएंगे। कॉलेजियम पर किसी को आपत्ति न होने पर इन्हें प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद चुनाव की तिथि की घोषणा कर दी जाएगी।
उन्होंने यह भी आह्वान किया कि सभी मिलकर सकारात्मक रवैये के साथ बुजुर्गों की विरासत को तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाते रहे। मौके पर डा. मोकम सिंह, उपप्रधान मास्टर रामकिशन ढांडा व जितेंद्र करोड़ा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में समिति के अन्य सदस्यों में रामकुमार मान, जाट शिक्षण संस्था के प्रबंध निदेशक मेजर केके सिरोही, सहित देवेंद्र सहारन, सुरेंद्र सिंह, नरेश पाई, अमित जागलान और सोसाइटी के सदस्य मौजूद रहे।
अब तक क्या हुआ
जाट शिक्षा समिति में पूर्व कांग्रेस कार्यकाल में तत्कालीन प्रधान बलवान सिंह कोटड़ा ने नए सोसायटी एक्ट के अनुसार बाइलॉज पास न हो पाने के कारण एडहॉक कमेटी का गठन किया था। इसके बाद जिला रजिस्ट्रार ने एडहॉक कमेटी को आम इजलास बुलाकर चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के आदेश दिए थे। एडहॉक कमेटी ने 5 अप्रैल को पहली बार आम इजलास बुलाया। आम इजलास में 40 प्रतिशत अथवा 10 हजार सदस्यों वाली समिति के 4000 सदस्य पहुंचने चाहिए थे। लेकिन नहीं पहुंचे। इसके बाद कोरम पूरा न होने के कारण बाइलॉज पास नहीं हो पाए। दूसरी बार आम इजलास बुलाया गया। 17 मई को 25 प्रतिशत सदस्यों का पहुंचना जरूरी था। तब भी जरूरी सदस्य नहीं पहुंचे। रविवार को तीसरे इजलास में 1500 सदस्य नहीं पहुंचे। इस अब बाइलॉज को सरकार पास करेगी।
ये शामिल है बाइलॉज में
वर्तमान कमेटी ने पिछली कमेटी के बनाए बाइलॉज में दो बदलाव किए थे। 11000 रुपये से फीस को कम करके 1100 रुपये एवं वार्ड बंदी के लिए गांव से लगते गांव, शहर से लगते शहर, जिले से लगते जिले एवं राज्य से लगते राज्य के सदस्यों को कॉलेजियम में शामिल कर वार्डबंदी करने की सहमति दी थी।