गुहला तहसील कार्यालय परिसर में गिरे पड़े बिजली के खंभे से उतरे करंट की चपेट में आने से शनिवार शाम को एक नौ साल के मासूम की खरकां रोड पर मौत हो गई। रविवार सुबह बालक का शव खंभे से चिपका हुआ मिला, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं लोगों में विद्युत निगम के प्रति रोष व्याप्त है।
वार्ड नंबर दस निवासी सुरेंद्र ने बताया कि उसका नौ वर्षीय बेटा विश्वास शनिवार रात लापता हो गया। वे उसे रात भर ढूंढते रहे। उन्होंने रात को पुलिस को सूचित किया। रविवार सुबह किसी ने बताया कि विश्वास सरकारी क्षेत्र में स्थित एक खंभे के पास पड़ा हुआ है। जहां जाकर देखा तो विश्वास खंभे से चिपका हुआ था। खंभे में आए करंट के कारण विश्वास की मौत हुई है। थाना गुहला प्रभारी जगदीश चंद्र ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। लोगों ने विद्युत निगम के अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप में केस दर्ज करने की मांग की। उधर, लोगों में इस बात को लेकर भी रोष था कि सूचना मिलने के बावजूद कोई भी बिजली अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
परिजनों ने कहा कि तूफान के बाद से ही खंभ गिरा हुआ है। जिसे विद्युत निगम को संभालना चाहिए था। लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण ही मासूम की मौत हुई है।
गुहला थाना प्रभारी जगदीश चंद्र ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में पहले बच्चे की गुमशुदगी के आरोप में केस दर्ज किया था। बाद में इसमें गैर इरादतन हत्या की धारा भी जोड़ दी है। मामले की जांच की जा रही है।
इस संबंध में एसडीओ गुहला अमन ने कहा कि वे इस समय मेडिकल लीव पर हैं। चीका एसडीओ के पास चार्ज है। वहीं चीका एसडीओ जितेंद्र का कहना है कि यह घटना उनकी जानकारी में नहीं है। हादसे के कारणों का पता लगाया जाएगा।
एसडीएम गुहला नवीन ने कहा कि पता लगाया जा रहा है कि खंभा किस परिसर में है और कितने समय से ऐसे पड़ा है। विद्युत निगम के अधिकारियों को निर्देश देकर इस मामले की जांच करवाई जाएगी। यदि किसी की लापरवाही मिलती है तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता बीएस रंगा ने कहा कि उनकी जानकारी में यह हादसा नहीं है। वे पता करवाएंगे। गुहला एक्सईएन से विस्तृत रिपोर्ट ली जाएगी।