भर्ती मरीजों का नहीं हो सका टेस्ट
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नेशनल हेल्थ मिशन के अनुबंधित कर्मचारियों द्वारा दोबारा शुरू की गई हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। अनुबंधित कर्मचारी सरकारी अस्पताल के बाहर टेंट लगाकर धरने पर बैठे। हड़ताल के कारण मरीज बेहाल रहे। हालांकि हड़ताल में एंबुलेंस सेवा में लगे अधिकतर कर्मचारियों ने ड्यूटी दी। लेकिन लैब में हड़ताल के कारण काम प्रभावित रहा।
दूसरे दिन की हड़ताल में भी कुल 447 कर्मचारियों में से केवल 50 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे। जिसमें 10 महिला कर्मचारी भी शामिल थीं। धरने के दूसरे दिन की अध्यक्षता स्वास्थ्य कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्य राजेश ढुल ने की। इस मौके पर प्रांतीय सचिव सुरेश उचाना विशेष रूप से मौजूद रहे। ढुल ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की हड़ताल के खिलाफ तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। लेकिन कर्मचारी सरकार के तुगलकी फरमानों से नहीं डरेंगे। उन्होंने कहा कि सीएमओ ने बहला फुसला कर हड़ताल को खत्म करवाया था। इस मौके पर सतबीर गोयत, ओमपाल भाल, राजेश, संत लाल, नरेंद्र, महावीर, कमलेश, चरणजीत, सुमन, सर्वजीत, सुषमा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
टेस्ट न होने के कारण आरोपी के खिलाफ नहीं हुआ पुलिस केस दर्ज
अस्पताल में हड़ताल के कारण लैब में कामकाज प्रभावित हुआ। ईलाज करवाने आए नानकपुरी कलोनीवासी युवक बलदेव ने बताया कि मंगलवार शाम को उसकी मोटरसाइकिल ऑटो के साथ टक्कर हो गई थी। जिससे उसे काफी गंभीर चोटें आई है। उसने बताया कि हड़ताल के कारण उसके टेस्ट अभी तक नहीं हो पाए है और इलाज में काफी अनदेखी की जा रही है। जिस कारण ऑटो चालक के खिलाफ पुलिस केस नहीं हो सका है। वहीं अपने बेटे की टांग फ्रेक्