दो दिन से छाए बादलों के कारण तापमान में करीब साढ़े चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी और हल्की बूंदाबांदी के कारण यह गिरावट आई है जिसे फसल के लिए ठीक बताया जा रहा है। दो दिन पहले तक अधिकतम तापमान बढ़कर 22 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर हो गया था जिस कारण गेहूं की फसल शीघ्र पकने की आशंका थी।
इसी बीच पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी और यहां छाए बादलों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार रात हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इसके बाद शनिवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। दिन में भी कई बार छिट-पुट बूंदाबांदी हुई जिस कारण तापमान में ठंडक बनी रही। तापमान में आई यह गिरावट गेहूं की फसल के लिए ठीक बताई जा रही है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम 18.5 डिग्री सेल्सियस रहा तो न्यूनतम 6.9 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले दो दिन तक मौसम साफ रहने की संभावना है। लेकिन कोहरा छाया रहेगा। 16 फरवरी को फिर से बूंदाबांदी के आसार बनते नजर आ रहे हैं।