छह महीने से प्रशासक के सहारे चल रही गांवों की सरकार अब 15 फरवरी को खुद ग्रामीणों के हाथ में आ जाएगी। पिछले महीने संपन्न हुए पंचायत चुनाव के बाद शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि अपने गांव की कमान संभाल लेेंगे।
सरकार ने जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्यों, सरपंच व पंचों के लिए शपथ ग्रहण समारोह की तिथि निर्धारित कर दी है। 15 फरवरी को सरपंच रोहतक में आयोजित समारोह में शपथ ग्रहण करेंगे।
24 जुलाई, 2015 को पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो गया था। 25 जुलाई, 2010 को निवर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों ने शपथ ग्रहण की थी। उनके कार्यकाल की समाप्ति के साथ ही पंचायतों की कमान बीडीपीओ स्तर के अधिकारियों के हाथों में आ गई थी।
वहीं पंचायत समिति के लिए संबंधित एसडीएम एवं जिला परिषद के लिए एडीसी को प्रशासक नियुक्त किया गया था। करीब छह माह से प्रशासक ही पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यभार संभाले हुए हैं। इस दौरान केवल अनिवार्य कार्य ही गांवों में हो रहे थे। पंचायतों का गठन न होने के कारण लोगों को छोटे-मोटे कार्यों में भी परेशानी आ रही थी। वहीं गांव में बड़े विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे थे।
अब मिलेगी गांवों को अपनी सरकार
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 15 फरवरी को प्रदेश के सभी नवनिर्वाचित सरपंचों को रोहतक में आयोजित समारोह में शपथ दिलवाई जाएगी। इससे पहले 12 फवरी को जिला परिषद व ब्लॉक समिति सदस्यों को करनाल मेें आयोजित समारोह में शपथ दिलवाई जाएगी। इसके बाद 17 फरवरी को पंचायत सदस्यों को मंडल अनुसार शपथ दिलवाई जाएगी। कैथल जिले के पंचों को अंबाला कमिश्नरी पर शपथ दिलवाई जाएगी।
जिले में 277 सरपंचों का हुआ है चुनाव
जिले में 277 में से 276 सरपंचों का चुनाव हुआ है। गांव बेगपुर में कोई उम्मीदवार न मिलने के कारण चुनाव नहीं हो पाया है। वहीं 21 जिला परिषद सदस्यों और 141 पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव किया गया है। साथ ही करीब 2835 से ज्यादा पंचों का चुनाव संपन्न हुआ है। इनमें से 87 खाली पंच सदस्यों के पद खाली हैं।