डीसी निखिल गजराज ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए जिले में लिंग जांच तथा गर्भपात में संलिप्त केंद्रों की सूचना जिला प्रशासन को दें, ताकि गर्भ में पल रही बच्चियों को जीवनदान दिया जा सके।
डीसी ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान विषय पर अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में आईएमए प्रतिनिधि भी भाग लेने पहुंचे। डीसी ने इन प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा ऐसी कोई भी सूचना देने वाले व्यक्ति को पूरा मान-सम्मान देने के साथ-साथ सूचना देने वाले का नाम भी गुप्त रखा जाएगा।
डीसी ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने संबंधित क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों तथा अल्ट्रासाउंड केंद्रों की सूचना एकत्र करके प्रशासन तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्ट लिखते समय संबंधित अधिकारी द्वारा उपलब्ध करवाई गई सूचनाओं को दृष्टिगत रखा जाएगा।
एसपी कृष्ण मुरारी ने कहा कि कैथल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का जिला प्रशासन को हमेशा सहयोग मिलता रहा है। घटते लिंगानुपात के परिणामस्वरूप समाज में कई विसंगतियां आई हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा ऐसे किसी भी किसी भी कार्य में संलिप्त व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में एडीसी जितेंद्र कुमार, एसडीएम मनदीप कौर, आरके सिंह, कमलप्रीत कौर, सिविल सर्जन डा. वंदना भाटिया, आईएमए के प्रधान डा. डीपी गुप्ता, उप सिविल सर्जन डा. नीलम कक्कड़, डा. देवेंद्र सिंह, डा. बीबी कक्कड़ सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी तथा आईएमए के प्रतिनिधि एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।