राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक नरेंद्र कुमार ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता हरियाणा को वैश्विक पहचान देती है। जिस तरह से वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण, अयोध्या में भगवान श्रीराम वहां के जीवन में रचे-बसे हुए हैं, उसी तरह से श्रीमद्भागवत के उत्पत्ति स्थल में गीता के पठन-पाठन पर जोर होना चाहिए।
नरेंद्र कुमार आरकेएसडी कॉलेज में शुक्रवार शाम आरएसएस की संघमार्ग पत्रिका के गीता विशेषांक के विमोचन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान जोगध्यान गोयल ने की। विभाग प्रचारक ने कहा कि गीता जीवन जीने का शास्त्र है। विश्व भर के वैज्ञानिकों, दार्शनिक, अंतरिक्ष यात्रियों सहित देश के महापुरुषों, राष्ट्रभक्तों ने गीता से प्रेरणा ली है।
गीता वेदों, उपनिषदों के ज्ञान का सार है। यह अकेला ऐसा ग्रंथ है, जिसका विश्व की लगभग सभी भाषाओं में अनुवाद है। संघमार्ग पत्रिका द्वारा गीता को लेकर विशेषांक निकालने का प्रयास यही है कि प्रदेश के करीब 6500 गांवों में गीता का संदेश जाए। उन्होंने कहा कि भारत, भारतीयता, भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार होना चाहिए। यह पत्रिका इस दिशा में कार्य कर रही है।
मीडिया के लोगों को चाहिए कि वे राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए संतुलित विचार ही प्रचारित करें। ताकि हमारे समाज व राष्ट्र का नुकसान न हो।
संघ के जिला प्रचार प्रमुख डॉ. मुकेश अग्रवाल ने पत्रिका के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर राजेश सर्राफ, श्याम सुंदर बंसल, सुशील गांधी, सुरेंद्र सिंह, दिनेश रहेजा, वीरेंद्र एडवोकेट, हरदीप सिंह, प्रीतम सिंह, संजय चौधरी, राणा बंसल, मनेाज कुमार, चंद्रभान मित्तल, राधा कृष्ण, पीसी मित्तल, प्रवीण अग्रवाल, सुरेश कुमार, गोपाल भट्ट सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।