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जनवरी में केवल दो दिन कक्षाएं, अब मासिक परीक्षाएं शुरू

Mon, 18 Jan 2016 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
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शिक्षा विभाग व सरकार के बीच तालमेल न होने का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। जनवरी में अब तक महज दो दिन स्कूल खुले हैं वहीं विभाग ने कक्षा एक से आठवीं तक मासिक परीक्षाएं लेनी शुरू कर दी हैं। सोमवार को दिसंबर व जनवरी के लिए पहली मासिक परीक्षा ली गई। विद्यार्थी परेशान हैं कि पाठ्यक्रम पूरा किए बिना वे परीक्षा कैसे दें?
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शिक्षा विभाग में इस शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही मासिक परीक्षाएं ली जा रही हैं। हर माह होने वाली इन परीक्षाओं में दिसंबर की परीक्षा नहीं हो पाई थीं। इसके बाद जनवरी में अब तक महज दो दिन ही स्कूल खुले हैं लेकिन विभाग ने अपने फैसले के अनुसार सोमवार से परीक्षाएं शुरू कर दीं। पहले दिन अंग्रेजी विषय की परीक्षा ली गई जिसमें प्रश्नपत्र उस सिलेबस में से था जो विद्यार्थियों को अभी तक पढ़ाया ही नहीं गया है।

कक्षा आठवीं में स्नेहा ने बताया कि कभी पाठ्यक्रम बाहर से आता है तो कभी पूरा नहीं होता है। जिसके कारण विद्यार्थियों का काफी नुकसान हो रहा है।

छात्रा ममता ने बताया कि जनवरी महीने में केवल दो दिन ही स्कूल लगा है। दो दिन में एक महीने का पाठ्यक्रम कैसे पूरा किया जा सकता है।

प्रश्नपत्र की करवानी पड़ रही है फोटो स्टेट
कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अनुसार प्रश्नपत्र नहीं पहुंच रहे हैं जिसके कारण अध्यापकों को बाहर से पैसे लगाकर फोटो स्टेट करवानी पड़ रही है। अध्यापकों ने बताया कि खुद पैसे लगाकर फोटो स्टेट करवानी पड़ रही है। विभाग संख्या के अनुसार प्रश्नपत्र नहीं दे रहा है।
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अध्यापकों को बदनाम करने की साजिश
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सतबीर गोयत ने कहा कि अध्यापकों की ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगी हुई है। 25 दिसंबर से लेकर 10 जनवरी तक शीतकालीन छुट्टियों में सभी स्कूल बंद थे। ऐसे में जनवरी में दो दिन में कैसे पाठ्यक्रम पूरा किया जा सकता है। विभाग व सरकार इस खराब परीक्षा परिणाम को ऑनलाइन करके अध्यापकों की छवि खराब करना चाहती है जो एक साजिश के तहत किया जा रहा है। ये परीक्षा फरवरी में होनी चाहिए थी।

शीतकालीन छुट्टियों का देखते हुए अध्यापकों को आदेश दिए थे कि वे दोनों महीनों का पाठ्यक्रम पूरा करें। प्रश्नपत्र पूरे हरियाणा का एक ही होता है। स्कूल मुखिया ने विद्यार्थियों की संख्या कम दी होगी। जिसके कारण कम प्रश्नपत्र आए हैं। अगर परीक्षा संबंधी कोई समस्या है तो वे इसकी जानकारी विभाग को दें।
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शमशेर सिंह सिरोही, उप जिला शिक्षा अधिकारी।
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