सरकार द्वारा नगर परिषद एवं नगर पालिकाओं की दुकानों में दशकों से किराए पर बैठे दुकानदारों को मालिकाना हक दिए जाने के फैसले से दुकानदारों को बड़ी राहत मिलेगी। कैथल शहर में करीब 350 से अधिक ऐसी दुकानें हैं जिन पर 30 से 40 साल पहले दुकानदार किराएदार के तौर पर काबिज हुए थे। ये दुकानदार कई साल से दुकानों पर मालिकाना हक दिए जाने की मांग कर रहे थे।
कैथल शहर में पुरानी अनाज मंडी के आसपास करीब आधा दर्जन से भी अधिक मार्केट नगर परिषद की दुकानों में चल रही हैं। यहां भगत सिंह चौक से लेकर कबूतर चौक की ओर स्थित मार्केट, पुरानी अनाज मंडी के चारों साइड की मार्केट, कबूतर चौक के निकट की मार्केट के अलावा शहर में कई ऐसी जगह हैं जहां नगर परिषद की दुकानों में लोग अपना कारोबार चला रहे हैं।
ऑयल श्मिल मार्केट दुकानदार एसोसिएशन के संरक्षक राधेश्याम मलिक पूरिया ने कहा कि यह काफी पुरानी मांग है। दुकानदार इस संबंध में दो साल पहले भी मंत्री से मिले थे। अब जाकर उनकी मांग पूरी हुई है। अब देखना यह है कि सरकार किन दरों पर दुकानदारों को ये दुकानें अलॉट करती है।
इसी प्रकार से दुकानदार भारत भूषण ने कहा कि इस फैसले से दुकानदारों को राहत मिलेगी। उन्हें कम से कम अपने हिसाब से दुकानों में निर्माण कार्य करने का अवसर मिलेगा। अब तक वे बिना नगर परिषद की अनुमति के कुछ नहीं कर पा रहे थे।
दुकानदार राहुल कुमार ने कहा कि सरकार ने दुकानदारों के लिए यह सही फैसला लिया है। कई दशक पुरानी मांग है। इससे दुकानदारों को काफी राहत मिलेगी।
दुकानदार श्याम लाल का कहना है कि यह अच्छा फैसला है। कई साल से इस बारे में मांग उठाई जा रही थी। कई दुकानों की छत भी गिर चुकी थी। मरम्मत का कार्य करने में भी परेशानी आती थी। मालिकाना हक मिलने पर दुकानदार दुकानों के मालिक बन जाएंगे। हर साल किराया देना पड़ता है। यदि सरकार कंट्रोल रेट पर देगी तभी दुकानदारों को फायदा होगा। इसी प्रकार से सुदर्शन कुमार, अमित कुमार सिंधाणा, सुभाष जैन, बसंत लाल, राहुल ने भी इस फैसले पर खुशी जताई है।
शहर में यदि औसतन एक दुकान के लिए 10 लाख रुपये की राशि का भी अनुमान लगाया जाए तो शहर में लगभग 350 से अधिक दुकानों के माध्यम से 30 करोड़ रुपये से अधिक की आय हो सकती है।
कैथल शहर में कम से कम 350 से अधिक ऐसी दुकानें हैं। रिकॉर्ड का पता लगाकर सही संख्या का पता चल सकेगा। अभी सरकार के आदेशों की प्रति नहीं मिली है। जैसे सरकार के निर्देश होंगे, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसके गोयल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कैथल।
नगर परिषद की शहर में 600 से अधिक दुकानें किराए पर हैं जिसमें से काफी संख्या में 30 से 40 साल पुरानी भी हैं।
अजमेर, रेंट कलेक्टर, नगर परिषद, कैथल।