आरक्षण आंदोलन में कस्बे के व्यापारियों को हुई क्षति और उन पर दर्ज मुकदमे रद्द करने की मांग को लेकर दूसरे दिन भी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। उधर अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को पांच व्यापारी प्रेमचंद गुप्ता, रमेश दुआ, डॉ. विजय गौतम, पालाराम सैनी और जिले सिंह पाल अनशन पर भी बैठ गए।
शाम को भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के आश्वासन के बाद व्यापारियों ने अपना अनशन खत्म किया। इससे पहले बंद के दूसरे दिन व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शनिवार को हुई तोड़फोड़ पर पुलिस की भूमिका पर सवाल भी उठाए।
मंगलवार सुबह कस्बे के व्यापारी तीनों व्यापार मंडलों के प्रधान रामरूप प्रजापति, योगेश उप्पल व हरीश लाल के नेतृत्व में बस स्टैंड के सामने एकत्रित हुए और निर्णय लिया कि पूरे शहर में रोष प्रदर्शन निकाला जाए। उसके बाद व्यापारियों ने शहर में रोष प्रदर्शन निकाला। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद व व्यापारी एकता जिंदा के नारे लगाए।
व्यापारियों को कस्बे के लोगों का सहयोग भी मिल रहा है और लोग भी व्यापारियों को समर्थन दे रहे हैं।
व्यापारियों का कहना था कि पुलिस प्रशासन ने उपद्रवियों के साथ-साथ व्यापारियों पर जो मुकद्दमे दर्ज किए हैं, वो बिल्कुल झूठे हैं। व्यापारियों ने उपद्रवियों से टकराव नहीं बल्कि उन्हें अपनी दुकानों को क्षति पहुंचाने से रोका था। व्यापारियों का कहना था कि यदि वे उपद्रवियों को न रोकते तो नुकसान और बढ़ सकता था।
व्यापारियों ने बताया कि उपद्रवियों द्वारा किए गए तांडव में कस्बे के पिहोवा चौक स्थित पूजा ऑटो स्टोर, पूजा कार एस्सेसरी एंड स्पेयर पार्ट, सैनी स्वीट्स समेत कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शन के दौरान हंसराज भारद्वाज, मोहनलाल गोयल, अनिल वालिया, मुकेश मित्तल, विशु वालिया, लाला नरेंद्र गर्ग, मोहन राणा, विवेक कौशिक, नीटू पटपटिया, भगवान दास, रामनिवास, सौरभ वालिया व तरसेम सहित व्यापारी मौजूद रहे।