आंदोलन के दौरान हुईं आगजनी की घटनाएं और नुकसान के विरोध में सोमवार को व्यापारी वर्ग सड़कों पर उतर आया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही एसपी और पूंडरी पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की मांग की।
व्यापारियों ने मांग की कि आगजनी में जली दुकानों का मुआवजा दिया जाए तथा व्यापारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन एचसीएच अधिकारी सुभिता ढाका को सौंपा। शनिवार को उपद्रवियों ने पूंडरी कस्बे में जो कहर बरपाया उससे शहर के सारे व्यापारी सदमे में हैं।
कस्बे के व्यापारी गिरधर चौक पर जमा हुए। बाद शहर के तीनों व्यापार मंडलों के अध्यक्ष रामरूप प्रजापति, योगेश उप्पल और हरीश लाल समेत पूंडरी और फतेहपुर के तमाम व्यापारी सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए पूंडरी और फतेहपुर की मुख्य सड़कों से गुजरे। व्यापारियों को पूंडरी व फतेहपुर के लोगों ने भी अपना समर्थन दिया और वे भी प्रदर्शन में उनके साथ रहे।
सड़कों पर प्रदर्शन करने के बाद पूरे शहर के व्यापारी बस स्टैंड के सामने हुड्डा मार्केट में एकत्रित हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ समय बाद एचसीएसअधिकारी सुभिता ढाका व डीएसपी सतीश गौतम व्यापारियों के पास पहुंचे और उन्हें आश्वासन दिया कि अब उनकी किसी प्रकार की क्षति नहीं होने दी जाएगी।
डीएपी गौतम ने व्यापारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। ढाका ने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की है और प्रशासन व्यापारियों का साथ देगा। व्यापारियों ने कहा कि शनिवार को जिस समय उपद्रवी शहर में तांडव कर रहे थे, पुलिस मूकदर्शक बनकर तमाशा देखती रही।
पुलिस की इस कारगुजारी से नाराज व्यापारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ढाका को अपनी मांगों का ज्ञापन देकर जिले के एसपी व पूंडरी पुलिस को भी निलंबित करने की मांग की। ढाका ने कहा कि वे उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचा देंगी।