रविवार को करियाना शोरूम इजी-डे पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने हमला करने की कोशिश की। इन लोगों को जाट नेताओं ने रोक लिया और वापस धरनास्थल पर भेजा। चीका-कैथल रोड पर नहर के ऊपर लगाए धरनास्थल से कुछ युवा योजना बनाकर थोड़ी ही दूर स्थित इजी-डे शोरूम पर हमला करने गए थे। जैसे ही धरनास्थल पर इस बात की जानकारी पहुंची तो वहां से कुछ वरिष्ठ जाट नेता इजी-डे के पास पहुंच गए और युवाओं को रोक लिया।
जब युवा उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए तो जाट नेताओं ने धमकी दे दी कि अगर आंदोलन के दौरान कोई लूट पाट या आगजनी की गई तो वे आंदोलन का साथ नहीं देंगे। जाट नेताओं ने कहा कि आंदोलन तो दो चार दिन का है इस चक्कर में वे अपनी साख व भाईचारा बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दे सकते।
धरनास्थल से आए कुछ और नेताओं के समझाने के बाद युवा वापस धरनास्थल पर बैठ गए। शनिवार की तरह रविवार को भी जाटों ने गुहला चीका आने जाने वाले तमाम रास्तों को सील करके रखा। पंजाब से आने वाले एक दो अखबारों को छोड़कर बाकी कोई भी अखबार चीका में नहीं पहुंच पाया।
विधायक की अपील खारिज
विधायक कुलवंत बाजीगर रविवार को कैथल रोड पर जाटों के मुख्य धरनास्थल पर पहुंचे और जाटों से अपना आंदोलन वापस लेने की अपील की। जाटों ने विधायक की बात तो शांति से सुनी लेकिन अपनी मांगें पूरी होने तक धरना उठाने से इंकार कर दिया।