क्वालिटी चौक से लेकर कॉलेज तक मनचले पीछा करते हैं। कमेंट कसते हैं लेकिन इस पूरे रास्ते में कहीं भी पुलिस या महिला पुलिस कर्मचारी नहीं दिखाई देतीं। अमर उजाला के ईव-टीजिंग विरोधी अभियान के दौरान बातचीत में छात्राओं ने यह पीड़ा बताई। आरकेएसडी सायंकालीन कॉलेज की छात्राओं ने मनचले युवकों की करतूतों को सामने रखा।
छात्राओं ने बताया कि इन असामाजिक तत्वों के कारण उन्हें हर रोज पेशान होना पड़ता है। ये मनचले युवक राह चलते उन्हें छेड़ते हैं और अपशब्द बोलते हैं। बसों में उन्हें घेर लेते हैं। रोड पर तो हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। छात्राओं में प्रशासन के खिलाफ भी रोष है क्योंकि रोड या कॉलेज के पास पुलिस कर्मचारी दिखते ही नहीं, शिकायत भी करें तो किससे। छात्राओं ने प्रशासन से मांग की कि इन मनचले युवकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
छात्रा बलजीत कौर ने बताया कि जब से महिला थाना शहर में बना है, एक बार भी कॉलेजों के बाहर महिला पुलिस नहीं दिखी। शिकायत तो तभी कर सकते हैं जब जब पीसीआर या महिला पुलिस की गाड़ी कॉलेज के आसपास दिखे।
बीए की छात्रा सुमन जिंदल ने बताया कि वह चीका से आती है। बस में इतनी भीड़ होती है कि लड़कियों को बैठने की जगह नहीं मिलती। ऐसे में युवक बसों में खड़े होकर अपशब्दों का प्रयोग करते है। पहले चीका से लड़कियों की स्पेशल बस आती थी लेकिन वह भी बंद हो गई है। प्राइवेट बस चालक उनको बैठाते नहीं हैं। सरकारी बस में जगह नहीं होती है। कॉलेज से कैथल के बस स्टैंड व विश्वकर्मा चौक तक बाइक सवार युवक लड़कियों का पीछा करते हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्रा श्वेता ने बताया कि कमेटी चौक पर युवक लड़कियों का पीछा करते हुए कॉलेज तक परेशान करते हैं। अगर लड़कियां मुख्य मार्ग से हटकर गलियों से निकलकर आएं तो रास्ता तक रोक लिया जाता है। महिला थाने को बने एक साल हो चुका है लेकिन उन्होंने एक दिन भी सुबह और शाम के वक्त पीसीआर नहीं देखी।
छात्रा अजीता जागलान ने बताया कि कॉलेज की छुट्टी के समय कई स्कूलों की छुट्टी होती है। स्कूल के लड़के भी अपशब्द बोलते हैं। इन पर भी लगाम लगाई जाए।
कॉलेज की महिला विंग इंचार्ज सपना राय और संयोगिता शर्मा ने बताया कि कॉलेज में एक दिन छात्राओं को इकट्ठा किया था। छात्राओं से छेड़छाड़ संबंधी आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी जुटाई थी। प्रतिदिन छात्राओं को युवकों द्वारा परेशान करने की सूचना मिलती है। जो कॉलेज की समस्याएं होती है, उनको निपटाया गया है लेकिन जो कॉलेज से बाहर की समस्याएं हैं उन पर प्रशासन द्वारा नकेल कसने की जरूरत है। छात्राएं काफी परेशान हैं। प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।
आरकेएसडी कॉलेज की सायंकालीन इंचार्ज प्रिंसिपल डा. जेपी कौर ने कहा कि नैतिक मूल्यों जरूरत है। कई गंभीर समस्याएं उनके सामने भी आई हैं लेकिन उनका समाधान कर दिया गया है। अभिभावकों को भी चाहिए कि घर पर अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दे। बेटियां अगर घर पर जाकर कोई समस्या बताती हैं तो उस पर विश्वास करके सही तरीके से हल निकाले॥