संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शारदीय नवरात्र पर्व की वीरवार से शुरुआत होगी। वीरवार से मंदिरों में मां के जयकारे लगेंगे। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी।
इसके लिए मंदिरों को भव्य ढंग से सजाया गया है। पर्व पर प्राचीन बड़ी देवी, कोठी देवी स्थित छोटी देवी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में तैयारी पूरी कर ली गई हैं। सज्जा सजावट के साथ रंगीन लाइटों से मंदिर सजा दिए गए हैं।
वीरवार को पहले नवरात्र पर उपवास रखने वाले श्रद्धालु मंदिर से अखंड ज्योत लाकर घर में स्थापित करेंगे। नवरात्र पर्व पर सुबह छह बजकर 15 मिनट से लेकर सात बजकर 22 मिनट तक घट स्थापना का मुहूर्त रहेगा। यह जानकारी हनुमान वाटिका के मुख्य पुजारी पंडित विशाल शर्मा ने दी है।
पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि इस साल शारदीय नवरात्र तीन अक्तूबर वीरवार से से शुरू हो रहे हैं। बताया कि घट स्थापना का मुहूर्त सुबह छह बजकर 15 मिनट से सात बजकर 22 मिनट तक होगा। घट स्थापना के लिए कुल एक घंटा छह मिनट का समय मिलेगा। इसके अलावा घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त में भी किया जा सकता है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 46 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, जिसके लिए 47 मिनट का समय मिलेगा।
पंडित शर्मा ने बताया कि नवरात्र में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मां दुर्गा की सवारी वैसे तो शेर है, लेकिन जब वह धरती पर आती हैं तो उनकी सवारी बदल जाती है। इस बार मां दुर्गा डोली पर सवार होकर धरती पर आएंगी।
शारदीय नवरात्र की तिथियां
3 अक्तूबर 2024, वीरवार
मां शैलपुत्री (पहला दिन) प्रतिपदा तिथि
4 अक्तूबर 2024, शुक्रवार
मां ब्रह्मचारिणी (दूसरा दिन) द्वितीया तिथि
5 अक्तूबर 2024, शनिवार
मां चंद्रघंटा (तीसरा दिन) तृतीया तिथि
6 अक्तूबर 2024, रविवार
मां कुष्मांडा (चौथा दिन) चतुर्थी तिथि
7 अक्तूबर 2024, सोमवार
मां स्कंदमाता (पांचवा दिन) पंचमी तिथि
8 अक्तूबर 2024, मंगलवार
मां कात्यायनी (छठा दिन) षष्ठी तिथि
9 अक्तूबर 2024, बुधवार
मां कालरात्रि (सातवां दिन) सप्तमी तिथि
10 अक्तूबर 2024, वीरवार
मां महागौरी (आठवां दिन) दुर्गा अष्टमी
11 अक्तूबर 2024, शुक्रवार महानवमी
(नौवां दिन) शरद नवरात्र व्रत पारण
12 अक्तूबर 2024, शनिवार
मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन, दशमी तिथि (दशहरा)