फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: नौतपा की शुरुआत ठंडा-ठंडा, कूल-कूल के साथ

Fri, 26 May 2023 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल। मंगलवार रात और बुधवार सुबह हुई बारिश के बाद वीरवार को नौतपा की शुरुआत ठंडा-ठंडा कूल-कूल के साथ हुई। माना जा रहा है कि बीते वर्षों की अपेक्षा इस बार नौतपा में मौसम ज्यादा नहीं तपेगा। इसका नाम मात्र का प्रभाव ही देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों व ज्योतिष आचार्यों ने नौतपा के इन दिनों में अधिकतम तापमान 33 से 38 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई है जबकि गत वर्षों में इन दिनों में तापमान 43 डिग्री के पार रहता रहा है।
विज्ञापन

गौरतलब है कि सूर्य 25 मई की सुबह 4 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और इसके साथ ही नौतपा प्रारंभ हो जाएंगे। हालांकि सूर्य देव 25 मई से आठ जून तक के पूरे 15 दिन रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे लेकिन इस बार नौतपा के ये दिन भयंकर गर्मी वाले नहीं रहेंगे। नौतपा में अंतिम दिनों में तेज हवा या आंधी चल सकती है। खास बात यह है कि इस बार नौतपा में बारिश का भी अनुमान जताया जा रहा है।
गौरतलब है कि कुछ दिनों तक लोगों को झुलसाने के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। वीरवार को दोपहर तीन बजे तक तेज धूप निकली रही और गर्मी से लोग बेहाल रहे। वहीं सायं के समय चार बजे आसमान में अचानक बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलीं। साथ ही हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे गर्मी से बेहाल लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। तेज अंधड की वजह से कई जगहों पर बिजली भी गुल हो गई, लेकिन अच्छे मौसम की वजह से लोगों को इसका ज्यादा अहसास नहीं हुआ।
विज्ञापन

तेज अंधड के चलते शहर में दुकानदारों छप्पर व पोस्टर उड़कर सड़कों पर बिखर गए। अब मौसम विभाग ने मई अंत के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मैदानी इलाकों में जहां अंधड और हल्की बारिश होगी। इस दौरान 50 से 70 किमी प्रति घंटे की स्पीड से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान पहाड़ी इलाकों में 26 और 27 मई को कई जगहों पर गरज के साथ बारिश हो सकती है। विदित रहे कि इस बार मई माह सबसे ठंडा रहा है। मई के पहले सप्ताह में भी निरंतर कई दिनों तक मौसम में परिवर्तन रहा और ठंड बनी रही। वहीं अंतिम सप्ताह में भी लगातार दूसरे दिन हल्की बूंदाबांदी और अंधड के कारण मौसम ठंडा हो गया है।
आचार्य प्रेम शंकर शास्त्री ने कहा कि गुरुवार रात 8:58 बजे सूर्य देव के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा शुरू हो जाएगा। सूरज की किरणें धरती पर सीधी पडऩे के कारण नौ दिनों तक भीषण गर्मी झेलनी पड़ती है लेकिन 26 मई से दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण पांच दिनों तक सूरज धरती को अधिक नहीं गर्म कर पाएगा। इसलिए नौतपा के पहले पांच दिन राहत भरे रहेंगे। इन दिनों के दौरान बरसात के साथ-साथ आंधी और तूफान की भी संभावना रहेगी।
नौतपा का विज्ञान

भारत की भौगोलिक स्थिति के अनुसार इस अवधि में सूर्य घूमते हुए देश के मध्य भाग के ऊपर आता है। कर्क रेखा के पास पहुंचने पर सूर्य 90 डिग्री की स्थिति में आ जाता है। इस वजह से सूर्य की किरणें धरती पर लंबवत यानि सीधी पड़ती हैं जिससे तापमान बढ़ता है। इस कारण मैदानी क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है जो समुद्र की लहरों को आकर्षित करता है। इस कारण मौसम में बदलाव शुरू हो जाता है।
नौतपा का क्यों जरूरी है तपना
कहते हैं कि नौतपा में यदि बारिश नहीं हुई तो फिर आने वाले समय में बारिश जोरदार यानी की झमाझम होगी। यदि नौतपा में बारिश झमाझम हो गई तो फिर आगे संपूर्ण वर्षा ऋतु में बारिश के हाल बेहाल रहेंगे। नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर प्रभाव डालती है तो प्रचंड गर्मी से समुद्र के पानी का वाष्पीकरण तेजी से होता है और तब घने बादल बनते हैं और इससे मानसून में अच्छी बारिश होने के आसार बनते हैं। इसके विपरीत यदि समुद्री क्षेत्रों में नौतपे के दौरान ही बारिश हो गई तो वाष्पीकरण की यह प्रक्रिया रुक जाती है और बादल कम बन पाते हैं। मान्यता है कि यदि इन नौ दिनों के दौरान ही बारिश होने लगे तो इसे नौपता का गलना माना जाता है। फिर अच्छे मानसून की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है।
राजौंद में बारिश से लोगों को गर्मी से मिली राहत
राजौंद। शाम को हुई बारिश से लोगों को जहां गर्मी से राहत मिली वहीं, सूख रही हर चारे व सब्जी की फसलों के लिए भी यह जीवनदायनी साबित हुई है। वीरवार शाम चार बजे अचानक मौसम परिवर्तित हुआ और आसमान पर बादल छाए व तेज हवा के साथ करीब पांच बजे बरसात हुई। जिससे तापमान नीचे आ गया वहीं लोगों को गर्मी से राहत मिली। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें