संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा में बिजली बिलों की बढ़ती दरों, जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों और बिजली व्यवस्था के निजीकरण के खिलाफ नौजवान भारत सभा ने जनजागरण अभियान शुरू किया है। इस सप्ताह कैथल और कलायत में डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाकर मजदूरों, गरीब किसानों और आम नागरिकों को इस नीतिगत लूट के खिलाफ एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार ने 1 अप्रैल से बिजली दरों में प्रति यूनिट 0.20 से 0.30 रुपये की बढ़ोतरी और अतिरिक्त फिक्स्ड चार्ज लागू कर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है। साथ ही स्मार्ट मीटरों के माध्यम से उपभोक्ताओं को प्रतिदिन के आधार पर एडवांस भुगतान की बाध्यता में धकेला जा रहा है, जो गरीब और मध्यम वर्ग के हितों पर सीधा हमला माना जा रहा है।
अभियान के तहत नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ता गांव-गांव और मोहल्लों में पर्चे वितरित कर रहे हैं तथा नुक्कड़ सभाओं के जरिए जनता को इस मुद्दे की जानकारी दी जा रही है। कलायत में नागरिकों के प्रदर्शन और हस्ताक्षर अभियान के जरिए जनदबाव बनाने की योजना भी बनाई गई है।
सभा के प्रतिनिधि अजय ने बताया कि सरकार की ये नीतियां पूंजीपतियों और निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई हैं, जबकि आम जनता की जेब से पैसा लूटा जा रहा है।
यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक बिजली दरों की बढ़ोतरी वापस नहीं ली जाती, स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता खत्म नहीं होती और बिजली के निजीकरण की नीति को पूरी तरह रद्द नहीं किया जाता।