चार करोड़ रुपये की लागत से बने शहर के पास से निकलने वाले 12 किलोमीटर के जींद रोड बाईपास का निर्माण तो करवा दिया गया है, लेकिन बरसात में पानी के बहाव के कारण सड़क के साथ से मिट्टी हट रही है। इस कारण सड़क की बर्म कट रही है। रोड पर लाइटों का भी कोई प्रबंध नहीं है। शहर की काफी व्यस्त सड़क होने के कारण यहां वाहन चालक दुघर्टनाओं का शिकार हो रहे हैं। जींद रोड के दुकानदारों ने इसे लेकर रोष प्रकट किया। दुकानदार सुनील बेनिवाल, बलवान, सतनाम सिंह, दीपक, आशीष, राहुल व रामकरण ने बताया कि नागरिक अस्पताल से थोड़ा आगे सड़क पर सीवरेज लाइन दबाई गई थी। उसके कुछ ही समय बाद सड़क का निर्माण कर दिया गया। निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क वहां बरसात के कारण धंस गई।
दुकानदारों बताया कि इस सड़क को पहले खूनी सड़क कहा जाता था, क्योंकि यह सड़क नेशनल हाइवे होने के बावजूद फोरलेन नहीं थी। भारी वाहनों के कारण यहां रोजाना हादसे होते थे। हालांकि हादसों में पहले से तो कमी आई है, लेकिन अब भी हादसों का सिलसिला जारी है। दुकानदारों ने मांग की कि सड़क के किनारों को मिट्टी लगाकर ठीक करवाया जाए व जहां से बर्म कट रही है उसे ठीक करवाया जाए।
बरसात से सड़क धंसी, मिट्टी डालकर चलाया जा रहा काम
दुकानदार सुनील ने बताया कि गत दिनों हुई बरसात के कारण अस्पताल से थोड़ा आगे सड़क धंस गई और गहरा गड्ढा बन गया। उस गड्ढे में भी मिट्टी डालकर काम चलाया जा रहा है। सड़क पर मिट्टी और कंकरीट फैलने से यह यहां से उबड़ खाबड़ हो गई है। हर दिन हादसे हो रहे हैं।
कई लोग हो चुके हैं घायल
सड़क से रोजाना आने-जाने वाले राहगीर बलवान सिंह ने बताया कि सड़क के साइडों में मिट्टी कटने से गड्डे हो रहे हैं। सामने से वाहनों की लाइट पड़ती है तो वे दिखाई नहीं देते। यहां कोई न कोई वाहन चालक चोटिल मिलता है। शनिवार को एक बाइक सवार यहां फिसल गया था और गंभीर रूप से घायल हो गया था।
लाइटों का भी प्रबंध नहीं :
दुकानदार सतनाम सिंह ने बताया कि इस रोड पर लाइटों का भी कोई प्रबंध नहीं है। शाम होते ही यहां अंधेरा पसर जाता है। सड़क पर पशु भी घूमते रहते हैं। सड़क के दोनों तरफ लाइटों की भी प्रबंध किया जाना चाहिए। कल भी एक महिला अपने बच्चे सहित स्कूटी से गिर गई थी, जिससे उसकी करीब दो वर्षीय बेटी को काफी चोट आई थी।
शहर की मुख्य सडक़ :-
राहगीर रामकरण ने बताया कि यह सड़क शहर की मुख्य सड़कों में से आती है। शहर में अंबाला और जींद की तरफ से सभी भारी वाहन इस सड़क से आते हैं। भारी वाहनों के कारण दोपहिया वाहन चालक अपने वाहनों को सड़क से नीचे उतारते हैं तो बर्म के साथ गहराई होने से सड़क पर गिर जाते हैं।
लोक निर्माण विभाग के एसडीओ आनंद वर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम में मिट्टी कटने से कई बार सड़कों की बर्म कट जाती है और गड्ढे हो जाते हैं। फिर भी लोगों की समस्या का प्रमुखता से समाधान करवाया जाएगा। अस्पताल के पास से धंसी सडक़ को भी जल्द ठीक करवाया जाएगा। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।