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फंड की कमी से जूझ रही नपा वसूलेगी प्रॉपर्टी टैक्स

Sun, 08 Jan 2017 11:35 PM IST
ब्यूरो कैथल
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नगर परिषद - फोटो : फाइल फोटो
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फंड की कमी से जूझ रही नगर परिषद ने अब प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए कमर कस ली है। शहर में करीब 70 हजार प्रॉपर्टी इकाइयों के मालिकों से लगभग 8 करोड़ रुपया प्रॉपर्टी टैक्स लिया जाएगा। वर्ष 2015-16 व इससे पूर्व की इस बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की राशि जमा होने पर परिषद द्वारा शहर में विकास कार्यों पर धनराशि खर्च की जाएगी।
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ग्रांट की कमी से जूझ रही है परिषद
नगर परिषद में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा घोषित 5 करोड़ रुपये सहित विभिन्न मदों से आई ग्रांट संचालन के लिए कम पड़ रही है। यहां विभिन्न वार्डों में मांग के हिसाब से विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की राशि की जरूरत है। अकेले हुडा सेक्टरों में सड़कों की रिपेयर व रखरखाव के लिए तुरंत प्रभाव से 2 करोड़ रुपये की राशि की जरूरत है। लेकिन परिषद के पास इस समय ज्यादा फंड नहीं बचे हैं। जिस कारण नगर परिषद की आय के स्रोत बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

प्रॉपर्टी टैक्स वसूली की तैयारी
शहर में करीब 70 हजार प्रॉपर्टी इकाइयां हैं। जिनमें खाली प्लॉट, पहली मंजिल, द्वितीय मंजिल, तृतीय मंजिल सहित विभिन्न श्रेणियों में प्रॉपर्टी टैक्स लिया जाता है। नगर परिषद ने अब शहर में लोगों पर बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली का फैसला लिया है। ताकि परिषद की आय की कमी को दूर किया जा सके।
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टैक्स के लिए छोड़ा जाएगा टेंडर
परिषद के पास पहले से उपलब्ध जानकारी के आधार पर करीब 70 हजार लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स के लिए राशि का निर्धारण करने, नोटिस जारी करने एवं प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए टेंडर छोड़ा जाएगा। जिस फर्म को यह टेंडर मिलेगा, उसी फर्म द्वारा टैक्स वसूली का काम किया जाएगा। बताया जा रहा है कि परिषद करीब 20 लाख रुपये की राशि में यह टेंडर छोड़ेगी।

कई बड़े भवनों, सरकारी इमारतों व मैरेज पैलेस की ओर है बकाया राशि
नगर परिषद के सूत्रों ने बताया कि शहर में कई बड़े भवनों, सरकारी इमारतों व कुछ मैरेज पैलेस की ओर भी प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। परिषद द्वारा इसके लिए भी सूची तैयार की जा रही है कि किस संस्थान या विभाग की ओर प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। ताकि इसकी वसूली की जा सके।

शहर में करीब 70 हजार प्रॉपर्टी की इकाइयां हैं। जिन पर वर्ष 2015-16 का पूरा प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। तो काफी संख्या में ऐसी प्रॉपर्टी इकाइयां हैं, जिनके मालिकों को पिछले सालों का भी प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाना है। चालू वित्त वर्ष एवं बकाया टैक्स जमा करवाने के लिए टेंडर छोड़ा जाएगा। फर्म द्वारा ही यह टैक्स जमा करवाया जाएगा।
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राजकुमार शर्मा, एमई, नगर परिषद, कैथल।
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