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चेयरपर्सन ने किया बैठक खत्म करने का एलान, विपक्षी पार्षद बोले- हमारे सवालों के जवाब तो धरे रह गए

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18-कैथल। नगर परिषद में आयोजित हाउस की बैठक में अपनी-अपनी बात रखते हुए नगर पार्षद राकेश सरदाना व अन्? - फोटो : Kaithal
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नगर परिषद की बैठक में तीखी नोक-झोंक होने पर चेयरपर्सन सीमा कश्यप ने बैठक को खत्म करने का ऐलान कर दिया और अपने सत्तापक्ष के पार्षदों के साथ कार्यालय से बाहर निकल गईं। बैठक बुलाने के लिए नोटिस देने वाले पार्षदों सहित सभी भाजपा समर्थित पार्षदों ने चेयरपर्सन पर 35 के तहत करवाए गए कामों पर जवाब न देने का आरोप लगाया है। अब पार्षद डीसी को शिकायत देंगे।
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पार्षद राकेश सरदाना, पार्षद निशा रानी, ज्योति सैनी, आशा रानी, विनोद सोनी संतोष भोला व एक अन्य पार्षद ने चेयरपर्सन सीमा कश्यप को पत्र लिखकर धारा 35 के तहत करवाए गए विकास कार्यों व अन्य मुद्दों को लेकर बैठक बुलाने के लिए नोटिस दिया था। इस नोटिस के बाद चेयरपर्सन सीमा कश्यप ने बजट के एजेंडे को जोड़ते हुए 13 अगस्त को बैठक बुलाई थी। जो सांय चार बजे चेयरपर्सन सीमा कश्यप की अध्यक्षता में शुरू हुई। बैठक की शुुरुआत में परिषद का बजट रखा गया। जिसमें इस साल परिषद की 31 करोड़ 91 लाख रुपये की आय होने की जानकारी दी गई। जबकि 32 करोड़ 44 लाख रुपये का अनुमानित खर्च बताया गया। बजट पर कुछेक नुक्ताचीनी के बाद सभी पार्षदों ने इसे पारित कर दिया।
इसके बाद 35 पर किए गए कार्यों को लेकर चर्चा शुरू हुई। चेयरपर्सन की ओर से इस धारा के तहत करवाए गए 156 कार्यों की सूची पार्षद राकेश सरदाना को सौंप दी गई। इसके बाद राकेश सरदाना ने कहा कि सभी कार्यों की सूची सभी सदस्यों को दी जाए और सभी कार्यों के लिए एक-एक करके चेयरपर्सन बताएं कि कौन सी आपात स्थिति आ गई थी, जिसमें ये कार्य किए गए। इस पर पार्षद मोहन लाल शर्मा ने कहा कि सदन की गरिमा होती है। जिसमें एक-एक सवाल पर कैसे जवाब दिया जा सकता है। इस पर पार्षद संतोष भोला ने कहा कि वे चेयरपर्सन से जवाब चाहते हैं। चेयरपर्सन ने कहा कि उन्होंने जानकारी दे दी है। बाकी जानकारी अधिकारी देंगे। इस पर पार्षदों ने फिर कहा कि जानकारी आपको देनी होगी। चेयरपर्सन आप हैं। नियमों के अनुसार 15 जनवरी या उससे पहले नप को अपनी आय और व्यय के अनुमान की दो कॉपियां डीसी के माध्यम से कमिश्नर को भेजनी होती हैं, लेकिन अब बजट की बैठक आठवें महीने में बुलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि नप चेयरपर्सन अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही हैं।
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इसी बीच पार्षद राकेश सरदाना ने कहा कि उन्होंने पूर्व हुई बैठकों में चेयरपर्सन से कार्यों की फाइल के बारे में जानकारी मांगी थी। उस समय उन्होंने कहा था कि उनके पास कोई फाइल पेंडिंग नहीं है। वहीं वार्ड नौ से पार्षद बबीता मित्तल ने कहा कि बैठक के बारे में उनके पास तीन-तीन बार सूचना की प्रति पहुंचती है। संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि कॉपी एक ही बार भेजी जाए। बैठक में नगर परिषद की खाली पड़ी दुकानों और किराये पर दी गई दुकानों के विषय में भी चर्चा हुई।
35 के तहत पार्षदों में तीखी नोक-झोंक के बीच चेयरपर्सन सीमा कश्यप ने बैठक को खत्म करने का ऐलान कर दिया और बैठक में से उठकर बाहर चलीं गईं। इसके साथ ही उनके साथ सत्ता पक्ष के पार्षद भी उठकर बाहर चले गए।
बाद में राकेश सरदाना ने कहा कि एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि चेयरपर्सन बैठक बीच में खत्म कर सकती हैं। इसलिए वे सभी पार्षद इस संबंध में डीसी डॉ. प्रियंका सोनी को शिकायत देंगे। यह बैठक फिर से बुलाई जाए और उनके अधूरे सवालों के जवाब दिए जाएं। 35 पर उनके सवालों से बचने के लिए बैठक को बीच में ही खत्म कर दिया गया।
चेयरपर्सन सीमा कश्यप ने कहा कि बैठक में बजट पारित हो गया। 35ए के तहत सभी सवालों के जवाब दे दिए गए। पूरी सूची पार्षद को सौंप दी गई। इसके बाद पार्षद शोर-शराबा व हुल्लड़ करने लगे। जिस कारण बैठक खत्म की गई। बैठक में जो भी मुद्दे चर्चा में लाए गए, उन पर विचार-विमर्श करके पारित कर दिया गया।
35 के काम करण खात्तर भूकंप कड़े तै ल्यावां : पार्षदों ने कहा कि चेयरपर्सन के कार्यकाल में अब तक शहर में जब कोई आपात स्थिति ही नहीं आई तो 35 के तहत रुपये कहां खर्च किए गए। इस पर वार्ड 29 के पार्षद विरेंद्र सैनी ने कहा कि अब नप अधिकारी 35 के कार्यों के लिए भूकंप कहां से लाएं। जो आपात स्थिति में काम करने की जरूरत समझी गई, वे कर दिए गए।
इन मुद्दों पर दिया था पार्षदों ने बैठक बुलाने का 2 अगस्त को नोटिस
1. चेयरपर्सन सीमा कश्यप ने धारा 35 के तहत कितने काम किए। इस पर चर्चा की जाएगी।
2. एजेंडे में कहा गया है कि चेयरपर्सन ने कई काम ऐसे किए हैं, जो आपातकाल के नहीं थे। जो शक्तियों का दुरुपयोग है।
3. पूर्व कार्यकारी प्रधान रहे डॉ. पवन थरेजा द्वारा अपने समय में धारा 35 के तहत किए गए कार्यों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही ब्योरा मांगा है।
4. आपातकाल की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है कि किन हालात को आपातकाल बताते हुए धारा 35 में काम किए गए हैं।
5. एक्ट की धारा 25-1 के तहत एक महीने में एक बैठक बुलाई जानी जरूरी है। लेकिन चेयरपर्सन ने अपने पद व शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए कोई बैठक नहीं बुलाती। जो कि नियमों के खिलाफ है।
6. जब कोई भी बैठक होती है तो उसकी मिनट्स की प्रति दी जानी होती है। लेकिन चेयरपर्सन द्वारा ऐसी कोई प्रति पार्षदों को नहीं दी जाती।

19-कैथल। नगर परिषद में आयोजित हाउस की बैठक में वॉक आउट की अपनी सीट से उठकर बाहर जाते हुए नगर परिषद चे- फोटो : Kaithal

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