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अवैध कब्जों पर चला प्रशासन का डंडा

Wed, 06 Jul 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो कैथल
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तालाबों से अवैध कब्जे हटाए - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 न्यायालय के तालाबों को कब्जा मुक्त करने के आदेश पर नगर पालिका प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी की सहायता से अवैध कब्जे हटाए। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार भजन दास कंबोज की मौजूदगी में इस अवसर पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
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नायब तहसीलदार भजन दास कंबोज तथा नगर पालिका सचिव सुशील भुक्कल ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर नगर के तालाबों पर किए गए कब्जों को हटाया जा रहा है। मंगलवार को तालाब के खसरा नंबर 483 तथा 484 से अवैध कब्जे हटाए गए। उन्होंने बताया कि जिन तालाबों को कब्जा मुक्त किया जाएगा उनमें साथ-साथ तारबंदी के लिए सीमेंट के पोल लगाए जाएंगे ताकि दोबारा कब्जा न किया जा सके। उन्होंने बताया कि कब्जा मुक्त करने के साथ-साथ चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं तथा लोगों को न्यायालय के आदेशों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

प्रशासन द्वारा मंगलवार को खसरा नंबर 483 तथा 484 से दीवार, उपलों के बिटोड़े, तालाब की जगह में भरी गई नींव को जेसीबी तथा मजदूरों की सहायता से उखाड़ा गया। उन्होंने बताया कि जिन तालाबों को कब्जा मुक्त किया जाना है उनमें छह तालाब प्रशासन द्वारा चिह्नित किए गए हैं। जिनमें पांसर, मोर चढ़ाई, जलासर, धरणी धर, ढोबी और अरचन नामक तालाब शामिल हैं।
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उल्लेखनीय है कि प्रशासन द्वारा तालाबों को कब्जा मुक्त किए जाने का पता चलते ही नगर के लोगों में भय का माहौल था। नगर के सैकड़ों लोगों द्वारा प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में सोमवार को एसडीएम कार्यालय में प्रदर्शन किया था तथा पड़ाव डालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया था।

लोगों ने जताया रोष, सुनवाई के लिए मांगा समय
लोगों ने प्रशासन द्वारा तालाबों को कब्जा मुक्त करने की कार्रवाई पर रोष जताया। नगर के लोगों मेघ राज, राजबीर, भूपेंद्र राणा, राजबीर, शिवकुमार आदि ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा तालाब खाली करवाने के लिए वर्ष 2008 में हाईकोर्ट में केस दायर किया गया तथा वर्ष 2013 में रोक लगाई गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान राजस्व विभाग द्वारा कई प्लाटों की रजिस्ट्री भी की गई तथा इस बारे उन्हें कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। उन्होंने माननीय कोर्ट तथा प्रशासन से उनकी सुनवाई के लिए समय देने की मांग की है।
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