46-कैथल। श्रीश्याम का भव्य रूप।
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कैथल। श्री श्याम निष्काम सेवा मंडल कैथल के चल रहे तीन दिवसीय छठे श्री श्याम वंदना महोत्सव कार्यक्रम के समापन पर शनिवार रात को मुख्य कीर्तन का आयोजन किया। इसमें भजन सम्राट लखविंद्र सिंह लक्खा, दीदी पूर्णिमा के साथ कैथल के गायक बहादुर सैनी ने श्याम की महिमा का गुणगान कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम में शहर भर से भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े थे।
कार्यक्रम की शुरुआत रात्रि करीब नौ बजे मुख्य कीर्तन की शुरुआत ज्योति प्रचंड से की गई। इसके बाद कैथल से प्रसिद्घ गायक बहादुर सैनी ने श्री श्याम के भजनों से समा बांध दिया। हारे का सहारा खाटू श्याम हमारा, मैंने मोहन को बुलाया, वो आता होगा सहित कई भजन गाए। इसके बाद दीदी पूर्णिमा ने मुझे अपने ही रंग में रंग दे...मेरे यार सांवरिया..मुझे तूने सब कुछ दिया है.., मुश्किल है सहनकरना ओ दर्द ए जुदाई का...दासी हूं तेरी श्यामा जैसे भजनों से खाटू श्याम के चरणों में हाजिरी लगाई।
इसके बाद लखविंद्र सिंह लक्खा ने दरबार चौखो लाग्यो, बने बबरीक खाटू श्याम कैसे-कैसे, मेरे शीश के दानी का सारे जग में डंका बाजे...मेरे श्याम बसे खाटू माही..मैं हूं शरण में तेरी..जैसे भजनों से श्री श्याम की महिमा गाई। देर रात तक श्रद्घालू भजनों पर झूमते रहे। मंच का संचालन मास्टर भगवान दीक्षित ने किया। मुख्य अतिथि के तौर पर राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला पहुंचें। मुख्य यजमान के तौर पर विनोद खुरानिया दरबार सेवा, इत्र सेवा पंकज गर्ग, चंवर सेवा विनोद सिंगला, पटक सेवा अनूज सिंघल, निशान सेवा ओम, 56 भोग सुनील गर्ग, श्रंगार सेवा विवेक गुप्ता, तिलक सेवा अमरजीत छाबड़ा, श्याम रसोई जगदीश कौलियां, फ्रूट प्रसाद सेवा बिटिया अवनी और वारेन्या के सौजन्य से की गई।