संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। धान के सीजन में किसानों को आ रही दिक्कतों के मद्देनजर सांसद जयप्रकाश ने कलायत अनाजमंडी का दौरा किया। धान की सरकारी खरीद को लेकर उन्होंने किसानों से बात की तो किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी धान एमएसपी पर नहीं बिक रहा। किसानों ने बताया कि उनकी धान की फसल को औने-पौने दामों में खरीदा जा रहा है और मजबूरी वश उन्हें मनमाने दामों पर बेचना पड़ रहा है।
सांसद जयप्रकाश ने इस मामले को लेकर अधिकारियों से बात की तथा निर्देश दिए कि किसानों व आढ़तियों को मंडियों में कोई परेशानी ना आए और अधिकारी किसी भी सूरत में किसानों की फसल को एमएसपी से नीचे नहीं बिकने दी जाए। जयप्रकाश ने भाजपा सरकार पर भी आरोप लगाया और कहा कि भाजपा के एमएसपी के दावों की पोल खुल चुकी है। कार्यवाहक सीएम नायब सैनी चुनाव के वायदों को भूल गए हैं।
सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि अगर सरकार बनती है तो वे धान की फसल 31 सौ रुपए क्विंटल के हिसाब से बिकवाएंगे। कहां गए वो दावे जो किसान के वोट लेने के लिए किए गए थे। उन्होंने कहा कि दो दिन खरीद होकर फिर बंद करवा दी और अब निर्धारित मूल्य से नीचे धान खरीदा जा रहा है। मंडी में न तो यूरिया है और न ही डीएपी। किसान का भला किस तरह से करेगी यह सरकार।
उन्होंने कहा कि नवंबर में लोकसभा का सत्र होने जा रहा है। इस मामले को बड़ी संजीदगी से वे लोकसभा में उठाएंगे और प्रधानमंत्री से एमएसपी पर न बिकने वाली धान का हिसाब मांगेंगे।
सांसद जयप्रकाश ने कहा कि अगर किसान की फसल निर्धारित मूल्य पर नहीं खरीदी गई तो वे स्वयं भी इस मंडी में आंदोलन पर बैठ सकते हैं। मंडी के विस्तारीकरण में आ रही रुकावटों पर सांसद ने कहा कि उनकी सरकार ने 2012 में 45 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया था ताकि मंडी का विस्तार हो सके। जब से भाजपा की सरकार आई, तब से मामला ठंडे बस्ते में गया।