संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल,गुहला/चीका। जिलेभर में ईद पर स्कूलों में घोषित अवकाश के बावजूद कई निजी स्कूल खुले रहे। इस पर लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सरकार के अवकाश संबंधी आदेशों को सरेआम ठेंगा दिखाना है। कुछ प्राइवेट स्कूलों की अवकाश भी रखा था।
उधर, ईद पर स्कूलों की छुट्टी न होने पर मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी चीका के प्रधान एश मोहम्मद, उपप्रधान नूरद्दीन, मोहम्मद, नसीम, मसीता खान, फकीरिया खान, कवालद्दीन सहित मुस्लिम समाज के लोगों ने नाराजगी जताई और इसे स्कूल संचालकों की मनमानी बताया।
लोगों ने कहा कि त्योहार किसी एक धर्म व मजहब के नहीं बल्कि सर्वधर्म के होते हैं और इनका सभी को पूरी तरह से सम्मान भी करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज खासकर इस त्योहार को पूरी शिद्दत से मनाता है और उनके बच्चे भी इस त्योहार का बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं, लेकिन छुट्टी न होने से वे परेशान हो गए। उनका यह त्योहार फीका पड़ गया।
नाराज लोगों ने जिला उपायुक्त व शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि ऐसे प्राइवेट स्कूल संचालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, जो सरकारी आदेशों की जरा भी परवाह नहीं करते। नाराज लोगों ने यह भी कहा कि जब जरूरत नहीं होती तब ये स्कूल छुट्टी कर देते हैं और जब कोई त्योहार आता है उस दिन उक्त स्कूल छुट्टी नहीं करते। यह प्राइवेट स्कूलों की सरासर मनमानी है।
गौरतलब है कि महेंद्रगढ़ के कनीना में स्कूल बस की हुई दुर्घटना में जहां कुछ विद्यार्थियों की मौत हो गई, वहीं कुछ घायल भी हो गए हैं। इस पर भी अभिभावकों ने सवाल उठाए कि जब सरकारी की ओर से अवकाश घोषित था तो फिर स्कूली लगाने का क्या औचित्य था। आरोप है कि छुट्टी के दिन स्कूल लगाना सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाना है। सडक़ दुर्घटना की इस घटना को देखकर तमाम जनता ने गहरा दुख प्रकट किया है।
स्कूल में ईद पर कार्यक्रम रखा गया था, ताकि बच्चों के साथ स्टाफ भी ईद का पर्व मनाकर बच्चों को ईद के महत्व के बारे में जानकारी दी जा सके। -प्रवीण शर्मा, प्रधानाचार्या एसडी स्कूल चीका।
आज सरकार द्वारा अवकाश घोषित किया गया है और प्राइवेट स्कूल संचालकों को भी इसका पालन करना चाहिए था। गुहला-चीका क्षेत्र में प्राइवेट स्कूल खुले रहने पर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा और उनके निर्देशानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-ओमप्रकाश, बीईओ गुहला।