मानसून की झड़ी के बीच कैथल में लगातार दूसरे दिन शहर में 110 एमएम बारिश हुई। जबकि जिले में औसत 66 एमएम पानी बरसा। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। नगर परिषद कर्मचारियों को पानी की निकासी के लिए मशक्कत करनी पड़ी। वहीं विधायक लीला राम भी क्योड़क में पानी की निकासी के लिए पहुंचे। इससे पहले 12 जुलाई से लेकर 15 जुलाई तक बारिश हुई थी, लेकिन बुधवार व वीरवार को दो दिनों में पहले से भी अधिक पानी बरसा है।
दो दिनों में जिले में औसतन 158 एमएम बरसात दर्ज की गई हैं। वीरवार को बरसात के बाद अधिकतर इलाकों में सभी खेतों में पानी जमा होने से एक समान हो गए हैं। जिले के कई क्षेत्रों में धान की फसल डूबी हुई है। किसान धान की फसल को बचाने के लिए पानी निकालने की व्यवस्था कर रहे हैं। आपदा एवं प्रबंधन विभाग के अनुसार कैथल में 110 एमएम, गुहला 33 एमएम, कलायत 142 एमएम, पूंडरी 73 एमएम, ढांड 43 एमएम, सीवन 47 व राजौंद 18 एमएम बरसात दर्ज की गई है। इन दो दिनों में कलायत में सबसे अधिक बारिश 207 एमएम दर्ज हुई। वहीं राजौंद में सबसे कम 86 एमएम बारिश दर्ज हुई। वहीं शहर में दो दिनों में 222 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
वहीं नए बस स्टैंड के निकट डिफेंस कालोनी व भगत सिंह कॉलोनी के लोग पानी निकासी के मामले को लेकर आमने-सामने हो गए। जानकारी अनुसार डिफेंस कालोनी में बरसात का पानी भर गया था। पानी निकासी के लिए ड्रेन के रास्ते में कुछ लोगों ने मिट्टी डालकर अपना निजी रास्ता बनाया हुआ था, जिस कारण कॉलोनी का पानी ड्रेन में नहीं जा रहा था। इसकी सूचना डिफैंस कालोनी के लोगों ने जिला प्रशासन को दी तो प्रशासन की तरफ से एसडीओ पहुंचे और उसने स्थिति को देखते हुए मौके पर जेसीबी बुलाकर रास्ते से मिट्टी उठाकर पानी निकासी का रास्ता ड्रेन में खोलना चाहा। लेकिन दूसरी तरफ भगत सिंह कालोनी की महिलाओं व पुरुष ने रास्ते को उखाडऩे से रोकना चाहा। महिलाएं जेसीबी के सामने भी अड़ गई और रास्ते के बीच में जो पाइप दबाए गए थे, उनके ऊपर खड़ी हो गई। लेकिन जेसीबी मशीन ने पाइप को उखाड़ दिया। इस दौरान एक महिला गिरते-गिरते बच गई। इस कार्रवाई के दौरान दोनों कॉलोनियों के लोगों व महिलाओं में आपस में कहासुनी भी हुई।
वहीं शहर में कई जगहों पर बरसात के कारण छत गिर गई और गांव गुहणा में घरों में पानी घुस गया। जिस कारण से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण अनिल, रितिक, रोहित, प्रीतम, मास्टर राजेश, रामेश्वर दास, रामदिया व राजिंद्र ने बताया कि दो दिन से चल रही बरसात से पूरे गांव व मकानों में पानी घुस गया है। उन्होंने प्रशासन से निकासी की व्यवस्था करने की अपील की है।
वीरवार को सुबह चार बजे ही बारिश शुरू हुई थी, यह लगातार 10 बजे तक चली। इसके बाद भी दोपहर 1 बजे तक हल्की बूंदाबांदी होती रही। बारिश ने लोगों की दिनचर्या का शैड्यूल बिगाड़ कर रख दिया। शहर में भी सडक़ों पर जलभराव हो गया। लोगों को सडक़ों पर जलभराव में से ही आवाजाही करनी पड़ी।
जलभराव की वजह से शहर के मुख्य पिहोवा चौक पर वाहनों का जाम लग गया। जाम को पुलिस कर्मियों ने पिहोवा चौक से छोटू राम चौक तक बेरिकेड्स लगाकर खुलवाना पड़ा। वहीं बीते दो दिनों में लोगों को भीषण गर्मी से अच्छी खासी राहत मिली है। वहीं तापमान में भी गिरावट हुई है। वीरवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र समन्वयक डॉ. रमेश वर्मा ने कहा कि बारिश से सब्जी, कपास, बाजरा व हरे चारे की फसलों में नुकसान है। धान की फसलों में यदि कहीं पानी ज्यादा है तो किसान निकासी करके धान की फसल का बचा सकते हैं।
सेक्टर 19 व 20 में जलभराव, पंप से किया पानी लिफ्ट-शहर में सेक्टर 19 व 20 में जलभराव हो गया। नगर परिषद के सभी जेई को शहर के अलग-अलग हिस्सों से पानी की निकासी का जिम्मा दिया गया। यहां पंकज जेई ने पंप लगवाकर पानी की निकासी करवाई।
अनाज मंडी बनीं तालाब
नई अनाज मंडी पूरी की पूरी तालाब बनी हुई है। पूरी मंडी में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। मार्केट कमेटी कार्यालय के अंदर तक पानी भर गया। जिस कारण आढ़तियों व अन्य लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।