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जिले से रूठे हैं बदरा, अब तक 53 प्रतिशत कम हुई बारिश

Fri, 22 Jul 2016 12:23 AM IST
ब्यूरो कैथल
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अब तक 53 प्रतिशत कम बरसात हुई है - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सामान्य से ज्यादा बरसात की संभावनाओं के बीच जिले से बादल एक तरह से रूठे हुए हैं। धान के कटोरे के इलाके कैथल, कुरुक्षेत्र व करनाल में इस बार सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। जिले में अब तक 53 प्रतिशत कम बरसात हुई है। जिस कारण किसानों की लागत बढ़ती जा रही है। वहीं गर्मी के मौसम में लोगों का जीना दूभर हो गया है।
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अब तक कैथल में 57 एमएम हुई है बारिश
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक कैथल में मानसून की औसत बरसात 121 एमएम होनी थी। लेकिन अब तक महज 57 एमएम बारिश हुई है। जिस कारण किसानों को धान को बचाए रखने में लागत बढ़ रही है। भूमि से ज्यादा पानी निकालना पड़ रहा है। जिसके लिए ज्यादा बिजली की जरूरत पड़ रही है। बिजली न मिलने के कारण कई इलाकों में किसानों को काफी दिक्कतें हो रही हैं।

धान की फसल में बीमारियों की भी आशंका
बरसात न होने के कारण धान की फसल में कई बीमारियां भी आ सकती हैं। प्रगतिशील किसान राजेश कुमार ने बताया कि धान की फसल में अंधाधुंध दवाइयों का प्रयोग किया जा रहा है। पौधे ज्यादा सेहत मंद दिखाने के लिए दवाओं का सहारा लिया जा रहा है। बरसात हो जाती तो इन दवाओं की आवश्यकता नहीं रहती। कैथल में इस समय सूखे से हालात बने हुए हैं।
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उमस ने किया जीना मुहाल
बारिश न होने के कारण सामान्य जन-जीवन पर भी असर हो रहा है। उमस बढ़कर 68 से 70 प्रतिशत तक हो गई है। जिस कारण लोग दिन भर पसीना-पसीना रहते हैं। हालांकि अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच है। लेकिन उमस के कारण पसीने में लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है।

26 तक बने हैं बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार कैथल, कुरुक्षेत्र, पटियाला एवं अंबाला रीजन में शुक्रवार शाम से बरसात हो सकती है। 22 से लेकर 26 जुलाई तक अच्छी बरसात की संभावनाएं हैं। अब देखना है कि इस अवधि में कैथल में कितनी बरसात होती है।

मानसून के कम दबाव वाले एरिया के कारण नहीं हो रही बारिश
मौसम वैज्ञानिकों से मिली जानकारी के अनुसार मानसून के कम दबाव वाला एरिया इस समय हिमाचल के आस-पास बना हुआ है। यदि यह हिमाचल से थोड़ा दक्षिण की ओर दूर जाता है तो अच्छी बरसात होती है। यही कारण है कि इस समय बरसात कम है। वहीं मानसून की गति भी इस समय धीमी बताई जा रही है।

कैथल में बरसात कम है। इसका मुख्य कारण मानसून का कम दबाव वाला एरिया है। अभी तक करीब 53 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। 22 से 26 जुलाई तक बारिश होने की उम्मीद है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।
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डा. चंद्रशेखर डागर, मौसम वैज्ञानिक

बरसात न होने के कारण किसानों को भूमिगत जल का सहारा लेना पड़ रहा है। विशेष रूप से धान की फसल में ज्यादा पानी की जरूरत है।
डा. रमेश वर्मा, कृषि वैज्ञानिक 
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