संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। श्री कपिल मुनि मंदिर और पवित्र तीर्थ स्थल पर इन दिनों बंदरों के भारी जमावड़े ने श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। मंदिर प्रशासन द्वारा लोहे की जालियां लगाए जाने के बावजूद खुले क्षेत्रों और घाटों पर दर्जनों बंदर बेखौफ घूम रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं का तीर्थ में स्नान करना तक मुश्किल हो गया है।
मुख्य मंदिर परिसर से लेकर घाटों तक बंदरों के झुंड डेरा डाले हुए हैं, जिसके चलते श्रद्धालु डर के साए में पूजा-अर्चना करने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी कविराज राणा, बलिंदर सिंह और धीरज सेन ने बताया कि बंदर न केवल श्रद्धालुओं से प्रसाद छीन रहे हैं, बल्कि विरोध करने पर आक्रामक होकर हमला भी कर देते हैं। कई बार श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को चोटें भी आई हैं।
रिहायशी इलाकों में भी बढ़ा खतरा ः बंदरों का आतंक केवल मंदिर परिसर तक सीमित नहीं है। अनाज मंडी, बीडीपीओ कार्यालय और वार्ड नंबर 4 से 8 तक बंदरों का जमावड़ा बना हुआ है। बंदर घरों में घुसकर सामान उठा ले जाते हैं और छतों पर रखी पानी की टंकियों तथा बिजली के तारों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कच्चे मकानों की ईंटें उखाड़कर नीचे फेंकने से कई राहगीर और बुजुर्ग घायल हो चुके हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल है। इस संबंध में नगर पालिका सचिव पवन शर्मा ने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ही पार्षदों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।