बस अड्डा पर इन दिनों बंदरों ने आतंक मचाया हुआ है। बंदर कभी यात्रियों के हाथ से सामान छीनकर भाग जाते हैं, तो कभी लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर देते हैं। हालात ऐसे हैं कि यहां आने-जाने वाले लोग हर कदम पर डरते-सहमे नजर आते हैं। बंदरों के उत्पात के चलते यात्रियों व दुकानदारों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, बंदर दुकानों और यात्रियों से खाने-पीने का सामान छीनकर भाग जाते हैं। कई बार प्रशासन को शिकायतें देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार रोजाना बस स्टैंड से सरकारी और लीज की 203 तथा निजी 120 बसें विभिन्न रूटों पर चलती हैं। करीब 18 हजार यात्री प्रतिदिन यहां से सफर करते हैं। यात्रियों की मांग है कि बंदरों को बस अड्डे से हटाया जाए ताकि सुरक्षित माहौल लौट सके। यात्रियों की कुर्सियों पर भी बंदरों का कब्जा रहता है, जिसके कारण लोग डर के चलते कुर्सियों पर भी नहीं बैठते हैं। यात्रियों को बस अड्डा में ही खड़ा होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।
कई लोगों को काट चुके:
रोडवेज बस अड्डे पर बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि वे कई यात्रियों को काट भी चुके हैं।पांच दिन पहले एक महिला उसके बच्चों के साथ जा रही थी। तभी बंदरों ने उसके बैग पर हमला कर दिया। जब महिला बैग को छुड़ाने लगी तो उस पर हमला कर दिया। उसके छोटे बच्चे पर हमला किया गया।
खाने-पीने की चीजें उठा ले जाते बंदर
दुकानदार बंटी ने बताया कि बंदर दुकान में रखा सामान और खाने-पीने की वस्तुएं उठा ले जाते हैं। भगाने की कोशिश करने पर वे हमला कर देते हैं। कुछ दिन पहले दुकान में काम करने वाले लड़के पर भी हमला कर दिया गया था।
उत्पात मचाने के साथ यात्रियों पर भी हमला
यात्री मनोज, राजेंद्र, सुरूपा राम ने बताया कि बंदर दुकान का सामान उठा ले जाते हैं और रोजाना परिसर में उत्पात मचाने के साथ यात्रियों पर हमला कर देते हैं। इसके बावजूद अब तक किसी भी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मामला उनके संज्ञान में आया है। नगर परिषद विभाग को पत्र लिख दिया है। इस समस्या से लोगों को छुटकारा दिलवाया जाएगा। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
अनिल कुमार, वर्कशॉप मैनेजर