MODERNIZATION OF INTERSECTIONS
- फोटो : Kaithal
चौक-चौराहों पर लगातार बढ़ रहे हादसों, कहीं भी वाहन खड़ा करने, किसी भी दिशा से चौक पर मुड़ने के कारण होने वाले हादसों को खत्म करने के लिए तीन विभागों ने ड्राइविंग स्कूल के साथ मिलकर एक अनूठी योजना तैयार की है। जिसमें सबसे पहले करनाल रोड बाईपास चौक को इंटरसेक्शन ट्रायल के लिए चुना है। 4 सितंबर से 15 दिन के तक नई व्यवस्था में यहां ट्रायल किया जाएगा। हादसे खत्म हुए तो सभी चौक-चौराहों पर यह व्यवस्था की जाएगी।
करनाल रोड बाईपास चौक को इंटरसेक्शन में बांटा : करनाल रोड बाईपास चौक को योजना के तहत अलग-अलग दिशों के लिए विभाजित करते हुए बेरिटकेट्स लगाए गए हैं। जिसमें शहर से करनाल रोड पर जाने के लिए सीधा रास्ता, बस अड्डे की ओर मुड़ने के लिए वाहनों के लिए अलग, पैदल जाने वालों के लिए अलग रास्ता तय किया है। इसी प्रकार से करनाल से शहर की ओर आते समय, जींद रोड से शहर की ओर व बस अड्डे की ओर जाने के लिए अलग-अलग तरह से बेरिकेट्स लगाकर रास्तों को विभाजित किया गया है।
तीन विभाग मिलकर कर रहे हैं काम: मुख्यमंत्री के सड़क सुरक्षा को लेकर हरियाणा विजन-0 अभियान के सहयोगी भरत नागपाल ने बताया कि हरियाणा विजन-0 का उद्देश्य प्रदेश को हादसों से मुक्त करना है। इसके तहत करनाल रोड बाईपास चौक पर इंटरसेक्शन ट्रायल किया जा रहा है। 4 सितंबर से यह पंद्रह दिनों के लिए किया जा रहा है। जिसमें पीडब्ल्यूडी द्वारा रिफ्लेक्टर व अन्य संकेतक, बेरिटकेट्स के लिए सामान आरटीए विभाग द्वारा मुहैया करवाया गया है। इसके अलावा ड्राइविंग स्कूल पाड़ला द्वारा भी यहां प्लानिंग में सहयोग किया जा रहा है। यदि यह ट्रायल सफल हुआ तो शहर के व्यस्त चौक-चौराहों पर इसी तरह से व्यवस्था करने की सिफारिश की जाएगी। अभी यहां यह अस्थाई व्यवस्था है। सफल होने पर इसे स्थायी किया जाएगा।
यहां भीड़भाड़ के कारण होते हैं हादसे: करनाल रोड बाईपास चौक पर भीड़ भाड़ व वाहनों के इधर-उधर से प्रवेश किए जाने के कारण हर रोज हादसे होते थे। कई बार वाहन चालकों ने चौक को भी टक्कर मार दी थी। साथ ही ऑटो चालकों की वजह से परेशानी होती थी। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो यहां लगने वाले जाम व हादसों से निजात मिलेगी।