16केएलटी2: गांव पिंजुपुरा में जी राम जी विधेयक का विरोध करते मनरेगा मजदूर
कलायत। गांव शिमला और पिंजुपुरा में क्रान्तिकारी मनरेगा मज़दूर यूनियन की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म करने की साजिश के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में देवराज, पालेराम, माया, संतरों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूरों ने भाग लिया। गांव के मेट अनिल ने कहा कि मनरेगा कोई योजना नहीं बल्कि ग्रामीण मजदूरों के लंबे संघर्ष से हासिल किया गया कानूनी अधिकार है। प्रस्तावित जी राम जी विधेयक इस अधिकार को खत्म कर मनरेगा को एक कमजोर, अनिश्चित और सरकार की मर्जी पर निर्भर योजना में बदल देता है। इसमें हर ग्रामीण परिवार को 100 दिन काम देने की कानूनी गारंटी समाप्त कर दी गई है, जिससे मज़दूरों का काम का अधिकार छिन जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने स्पष्ट कहा कि यह विधेयक करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर सीधा हमला है। इस कानून के तहत राज्यों पर 40 प्रतिशत खर्च और बेरोजगारी भत्ता का बोझ डालकर केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। संवाद