संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से पानी की जांच के लिए चलाई जा रही मोबाइल लैब पूंडरी के सात गांवों सहित पूंडरी के विधायक सतपाल जांबा के गांव में पहुंची। इस दौरान विधायक सतपाल जांबा आदि भी मौजूद रहे और मोबाइल लैब से की जाने वाली जांच प्रक्रिया के बारे में जाना।
इस मौके पर विभाग की ओर से चीफ केमिस्ट अमित राणा व जिला सलाहकार दीपक कुमार ने विस्तार से पानी जांच की प्रक्रिया के बारे में बताया। इस दौरान उन्होंने विभाग द्वारा पानी की शुद्धता को लेकर किए जा रहे प्रयासों की सराहना करने के साथ ही जरूरी आदेश भी दिए।
जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि वीरवार को पानी की जांच के लिए मोबाइल लैब ने फतेहपुर, दुलयानी, जाम्बा, टयौंठा, दुसैन, रसीना व अहमदपुर में पानी के सैंपल लिए। इसमें पानी की टीडीएस, पीएच, फ्लाॅराइड, आयरन, टोटल-हार्डनेस, सल्फेट, नाइट्रेट, जिंक, ट्रबीडिटी की जांच होती है।
लैब में 10 पैरामीटर की जांच की जाती है। दीपक कुमार ने बताया कि 80 बीमारियां साफ पानी ना मिलने के कारण होती है। ग्रामीण क्षेत्र से जीपीएस ट्रैकिंग से मौके पर ही सप्लाई चालू कर सैंपल एकत्रित किए जाते हैं, ताकि ग्रामीणों में पानी की गुणवत्ता, स्वच्छता और उपयोगिता को लेकर पारदर्शिता बनी रहे।
उन्हंोंने बताया कि रिपोर्ट आते ही घरों में सप्लाई किया जा रहा पानी पीने योग्य है या नहीं इसका पता चल जाएगा। अगर पानी पीने योग्य नहीं है तो यह रिपोर्ट विभाग की वेबसाइट पर अपलोड होने के साथ-साथ संबंधित गांव के कनिष्ठ अभियंता के पास भी जाएगी, ताकि पानी में आई कमी को दूर करवाया जा सके।
उन्हंोंने बताया कि यदि पानी सभी पैरामीटर पर फेल हो जाता या किसी भी सूरत में पीने योग्य नहीं है तो विभाग द्वारा तुरंत ट्यूबवेल से सप्लाई बंद की जाएगी और नए सोर्स से पानी की सप्लाई तक वैकल्पिक व्यवस्था जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से की जाएगी। इस मौके पर बीआरसी बलकार सिंह व ग्रामीण मौजूद रहे।
जल के महत्व और स्वच्छता के बारे में चीफ केमिस्ट ने जल चौपाल में दी जानकारी गांव जांबा में मोबाइल लैब से पानी की जांच करने के साथ ही जल चौपाल का आयोजन भी किया गया। जल चौपाल की अध्यक्षता सरपंच लाभ सिंह ने की। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से चीफ कैमिस्ट व मुख्यातिथि अमित राणा ने ग्रामीणों को जल के महत्व को लेकर जागरूक किया।
उन्होंने बताया कि जल जीवन का आधार है, जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। अगर हम जल की इसी तरह दुरुपयोग करते रहे तो वह दिन दूर नहीं जब जल के लिए संकट पैदा होगा हाहाकार मचेगा और पानी के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ेगी। अमित राणा ने बताया कि बताया कि जल प्रकृति का दिया हुआ अनमोल उपहार है और हम सबको जल की बचत करनी चाहिए, ताकि आगे दिक्कत न हो।