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Kaithal News: विधायक लीला राम की नाराजगी खुलकर आई सामने

Sun, 14 May 2023 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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नसीब सैनी
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कैथल। जिला भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। विधायक लीला राम की नाराजगी की अब तक जो चर्चाएं थीं, वह सच होती दिख रही हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ का तीन दिन का कैथल प्रवास भी विधायक की नाराजगी दूर नहीं कर पाया।

कांग्रेस की कर्नाटक जीत के सूत्रधार रहे कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला को वर्ष 2019 में पराजित कर लीला राम कैथल से भाजपा की टिकट पर विधायक बने थे। इतने बड़े कद्दावर नेता को हराने के बावजूद विधायक से इतर उन्हें कुछ नहीं मिला। स्थानीय स्तर पर कार्यों में बढ़ता हस्ताक्षेप, कई मामलों में पूछ न होने पर विधायक लंबे समय से भाजपा कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष के दौरे से दूरी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे पार्टी नेताओं से

नाराज हैं।

गौरतलब है कि विधायक लीला राम ने कांग्रेस के दिग्गज एवं कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल रहे एवं कर्नाटक में मौजूदा कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला को पराजित किया था। वे 72 हजार वोट लेकर विधायक बने थे।
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इसके बाद उन्हें मंत्री बनाए जाने के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन अभी तक उन्हें विधायक से इतर कोई बड़ा पद पार्टी में नहीं मिला है। इसके विपरीत पूंडरी से निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन दो बार चेयरमैन, गुहला से जजपा विधायक ईश्वर सिंह के बेटे को चेयरमैन, पुत्रवधु नगर पालिका चेयरमैन हैं तो कलायत से विधायक बनीं कमलेश ढांडा राज्यमंत्री हैं।

इसके बावजूद विधायक की इतनी नाराजगी सामने नहीं आई थी। लेकिन अब सूत्रों बताते हैं कि जिला संगठन में जातीय समीकरण का अभाव व विधायक समर्थकों की अनदेखी, मंडल अध्यक्ष तक की नियुक्ति में विधायक की अनदेखी, नगर परिषद उपाध्यक्ष चुनाव में अनदेखी, ब्लॉक समिति चुनाव में पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा ही उनका विरोध करने जैसे तमाम कारण हैं। इनके बारे में विधायक लीला राम पार्टी के प्रदेश शीर्ष नेतृत्व को अवगत करवा चुके हैं लेकिन सुनवाई न होने पर वे लंबे समय से पार्टी कार्यक्रमों में नजर नहीं आ रहा। गांव धनौरी में पिछले दिनों आयोजित धन्ना भगत जयंती में भी वे नहीं पहुंचे थे। अब प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ तीन दिन के कैथल प्रवास पर हैं तो वे किसी भी कार्यक्रम में नहीं दिखे।

प्रदेश अध्यक्ष की बैठक स्थल भाजपा जिला कार्यालय विधायक आवास से चंद सौ मीटर की दूरी पर है, लेकिन विधायक व जिला संगठन के बीच नाराजगी की दूरी शायद कापी लंबी हो गई है। जिला प्रभारी भी विधायक आवास पर गए थे।

सूत्रों ने कहा कि वे विधायक की बातों पर सहमति जताकर लौट आए। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने फोन पर बात की, लेकिन बताया जा रहा है कि कोई नतीजा नहीं निकल पाया। विधायक न केवल संगठन बल्कि सांसद नायब सैनी से कार्यक्रमों से भी दूरी बनाए हुए हैं।
मेडिकल कॉलेज पर काम शुरू न होना बड़ी नाराजगी
सूत्रों का कहना है कि दो साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कैथल में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की घोषणा की थी। उस पर जमीन व फंड भी सुनिश्चित हो चुका है। विधायक के तमाम प्रयासों के बावजूद मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा। इन सब कारणों के चलते विधायक लीला राम ने संगठन के आयोजनों से दूरी बना ली है।
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चर्चाएं हैं कि कैथल हलका में भाजपा दो गुटों में बंटी हुई है। जिसमें विधायक अलग हैं तो सांसद व कई बड़े पदों पर विराजमान पदाधिकारियों का अलग गुट बना हुआ है। पूछने पर विधायक लीला राम ने इस विषय में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने इस संबंध में पूछने पर कहा था कि विधायक से उनकी बात हुई थी। वे विवाह में व्यस्त हैं। संगठन में सब कुछ ठीक है। नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है।
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