संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/पूंडरी। एमडीडी ऑफ इंडिया एवं जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे 100 दिवसीय ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के अंतर्गत जांबा गांव में भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूंडरी के विधायक सतपाल जांबा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर रथ यात्रा को रवाना किया तथा अभियान को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।
रथ यात्रा में ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान के माध्यम से लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा बच्चों के संवैधानिक अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया। वक्ताओं ने बताया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा तथा भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
एमडीडी ऑफ इंडिया के सामाजिक कार्यकर्ता दीपक ने कहा कि बाल विवाह केवल सामाजिक कुरीति ही नहीं, बल्कि एक दंडनीय अपराध भी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे बाल संरक्षण कानूनों की जानकारी रखें और किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन नंबर पर दें।
विधायक सतपाल जांबा ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह समाज के समग्र विकास में बड़ी बाधा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बचपन प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और उसे छीनना सामाजिक अपराध है। उन्होंने प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे सामूहिक प्रयासों से इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लें तथा बाल संरक्षण अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
कार्यक्रम में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया और रथ यात्रा को ऐतिहासिक समर्थन प्रदान किया।
आयोजकों के अनुसार यह रथ यात्रा आगामी दिनों में अन्य गांवों में भी पहुंचेगी, जहां जन-जागरूकता कार्यक्रम, शपथ ग्रहण समारोह और संवाद सत्र आयोजित कर लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा।