विधायक कुलवंत बाजीगर द्वारा बारहवीं में हासिल किए नंबरों की जांच की मांग को लेकर कुछ लोगों को हस्ताक्षर अभियान चलाना महंगा पड़ा गया। डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों ने उन पर हमला कर उनकी जमकर पिटाई की। इस दौरान एक टीवी पत्रकार का कैमरा भी छीन लिया गया और उसके साथ जमकर मारपीट की गई। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है।
गुहला के विधायक कुलवंत बाजीगर ने पिछले दिनों ओपन बोर्ड से अपनी बारहवीं की परीक्षा पास की थी तथा 73 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। कुछ लोग कई दिनों से सोशल मीडिया पर विधायक द्वारा पास किए पेपरों की जांच करवाने की मांग को लेकर अभियान चला रहे थे। दो दिन पहले उन्हीं लोगों के समूह ने जगजीत सिंह की अगुवाई में शहीद ऊधम सिंह चौक के पास हस्ताक्षर अभियान शुरू करने का एलान किया था। दावा यह किया गया था कि इन हस्ताक्षरों को साथ में अटैच करके राष्ट्रपति को भेजा जाएगा ताकि विधायक कुलवंत बाजीगर की परीक्षा की जांच करवाई जा सके।
इस बीच मंगलवार को हस्ताक्षर अभियान चला रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दोपहर बाद 15-16 युवकों ने हमला बोल दिया। हमलावर तीन गाड़ियों में सवार होकर आए थे। युवकों ने शहीद ऊधम सिंह चौक से थोड़ी दूर पोल खोल अभियान का बैनर लगाकर बैठे कार्यकर्ताओं के सामने रखे मेज उलट दिए तथा उन्हें गले से पकड़ पकड़ कर पीटा। घटना की कवरेज कर रहे दो टीवी पत्रकारों को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा। उन्होंने पत्रकार का कैमरा छीन लिया। विरोध करने पर उसे जमीन पर पटक दिया और ऊपर से जूतों से रौंद दिया। हमलावर युवक अपना काम करने के बाद जिस तरह आए थे उसी तरह इत्मीनान से अपनी गाड़ियों में सवार होकर वापस चले गए। हालांकि जिस समय यह मारपीट हुई उस वक्त मौके पर सैकड़ों लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने भी ना तो पोल खोल के कार्यकर्ताओं को बचाने का प्रयास किया और ना ही हमलावरों को रोकने की कोशिश की। घायल सामाजिक कार्यकर्ताओं व दोनों पत्रकारों को गुहला के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उनका उपचार चल रहा है।
विधायक ने कराया हमला : जगजीत
पोल खोल अभियान के नेता जगजीत सिंह ने थाना चीका में शिकायत देकर विधायक कुलवंत बाजीगर पर आरोप लगाया है कि विधायक ने अपने खिलाफ खड़े लोकतांत्रिक विरोध को धक्केशाही से दबाने की कोशिश की है। जगजीत ने आरोप लगाया है कि एक हमलावर रिवाल्वर थामे हुए था जिस कारण से आसपास खड़े लोग उन्हें बचाने भी नहीं आए।
विधायक ने आरोपों को नकारा
विधायक कुलवंत बाजीगर ने अपने ऊपर लगाए आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। विधायक ने कहा कि राजनीतिक जीवन में बहुत तरह के विरोध होते हैं व आरोप लगते रहते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विरोध करने वालों पर हमला करवा दिया जाए। बाजीगर ने कहा कि जगजीत सिंह द्वारा आरोप लगाए जाने पर उन्होंने अपने स्तर पर तफ्तीश करवाई है। पता चला है कि हमला करने वाले युवकों का जगजीत सिंह व उसके साथियों के साथ कोई विवाद काफी समय से चल रहा था जिस कारण से यह मारपीट हुई होगी।
वहीं अपनी बारहवीं के अंकों को लेकर विधायक ने कहा कि अगर किसी को मेरी परीक्षाओं पर संदेह है तो आरटीआई लगाकर कोई भी मेरे सारे पेपर निकलवा सकता है। देख सकता है कि लिखाई मेरी है कि नहीं। विधायक ने कहा कि उनके राजनीतिक विरोधियों द्वारा उन्हें बदनाम करने के लिए जानबूझकर सारा प्रपंच रचा जा रहा है।
इस संबंध में चीका थाना प्रभारी ने कहा कि झगड़े के मामले में शिकायत आई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद केस दर्ज किया जाएगा।